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क्रिप्टोकिडनेपिंग: 3 बिलियन डॉलर के बिटकॉइन की चपत लगी, भारत के सबसे बड़े बैकिंग घोटाले को पीछे छोड़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2018, 17:45 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में क्रिप्टो ट्रेंडिंग का मामला सामने आया है. इससे करीब 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर के बिटकाइन के नुकसान की खबर है. इस मामले में एक पूर्व भाजपा नेता का नाम भी सामने आ रहा है. इस भाजपा नेता ने पिछले साल गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी थी. लेकिन इस क्रिप्टो किडनेपिंग और ट्रेडिंग का मामला पूरे देश में हंगामा मचा सकता है.

इस घोटाले के तार अमेरिका के टेक्सास तक हैं. इकोनामिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक जांच में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. इस ट्रेड के तहक निवेशकों ने बिटकॉइन आधारित पोंजी योजना में भारी मात्रा में पैसा लगाया है, जो देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले से अधिक की रकम हो सकती है.

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ये मामला फरवरी का है जब एक प्राॅपर्टी डेवलपर शैलेश भट्ट गुजरात सरकार के गृहमंत्रालय के पास जाता है आैर कहता है कि कुछ पुलिस वालों ने उसे किडनैप कर लिया आैर उससे फिरौती के तौर पर 200 बिटकाॅइन मांगा गया. उसने कहा कि अपनी रिहाई के लिए उसके पास कोई और विकल्प नहीं था. वो मदद के लिए कहीं नहीं जा सकता था. इन बिटकॉइन की कीमत उस समय 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी.

गृहमंत्रालय ने इस शिकायत के मिलने के बाद गुजरात की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआर्इडी) को बुलाया गया आैर उसने जो सबूत इकट्ठा किए उससे तो लग रहा कि ये अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सबित हो सकता है. शुरुअाती जांच में 8 पुलिसकर्मियों को जांच पूरे होने तक सस्पेंड कर दिया गया है. 

इस मामले के मुख्य सीआर्इडी अधिकारी आशीष भाटिया के मुताबिक, "इस आरोप में शैलेष भाटिया का एसोसिएट कीरीत पलादिया, उसके अंकल नलीन कोटादिया जो कि इस मामले में मास्टरमाइंड है. नलीन कोटादिया भाजपा का पूर्व नेता है.  किडनैपिंग का दायरा बढ़ने की वजह से शैलेष भट्ट पर भी चार्ज लगाया गया है.

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पुलिस ने कि़डनेपिंग आैर रंगदारी के आरोप में पलादिया को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है. भट्ट आैर कोटादिया दोनों फरार हैं.  गुजरात के एक पत्रकार जिन्होंने इस मामले का भंडाफोड़ किया है, उनके अुनसार अप्रैल माह में कोटादिया ने व्हाट्सएेप पर एक वीडियो के जरिए कहा है कि वो निर्दोष है.

उसने वीडियाे में ये भी कहा है वो पहले ही क्रिप्टो स्कैम के बारे में अथाॅरिटी को बता चुका है. यूट्यूब पर एक रिपोस्ट किए गए इस वीडियो में कोटादिया कह रहा है कि भट्ट ही इस स्कैम के लिए जिम्मेदार है आैर उसने इस बात की धमकी दी है कि वो एेसी संवेनशली जानकारिदयां रखता है जिसकी गाज कर्इ नेताआें पर गिर सकती है. लेकिन भट्ट आैर पलादिया दोनों ने अपने वकीलों के माध्यम से कहा है कि वो निर्दोष हैं.

 

इस खबर के मुताबिक साल 2016 अौर 2017 के दौरान, भट्ट ने सतीश कुम्भानी की एक क्रिप्टोकरेंसी फर्म 'बिटकनेक्ट' में निवेश किया. क्रिप्टोवाॅजडाॅग के मुताबिक इस कंपनी ने कर्इ लोगों को ठगा है. क्रिप्टोवाॅचडाॅग के 6 निवेशकों ने इस कंपनी के खिलाफ यूएस फेडरल में लाॅसूट भी फाइल किया है.

इस फर्म ने दुनिया भर के लोगों से बिटकाॅइन डिपाॅजिट करवाया था.  इन बिटकाॅइन को उसने 40 फीसदी तक की ब्याज दर पर लोगों को दिया. पिछले साल बिटकाॅइन में 1000 डाॅलर से 19,700 डाॅलर में तेजी आर्इ जिसमें इन्हें ब्याज दर से भारी मुनाफा हुआ. भाटिया के अनुसार, इसी दौरान भट्ट आैर अन्य निवेशकों ने करीब 3.2 बिलियन डाॅलर मूल्य का बिटकाॅइन बिटकनेक्ट में निवेश किया.

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First published: 10 August 2018, 17:42 IST
 
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