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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी से IOCL सहित अन्य तेल कंपनियों को लगेगी इतने करोड़ की चपत

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 October 2018, 12:08 IST

तेल की कीमतों में राहत देने के सरकार के फैसले से सरकारी तेल कंपनियों (ओएमसी) - इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के शुद्ध मुनाफे में 9,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई है.

इस फैसले से इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की. जानकारी के अनुसार सरकारी कंपनियों को अगली दो तिमाहियों में 9,000 करोड़ रुपये का सामूहिक नुकसान होगा.

गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 84 लीटर जबकि डीजल 75.46 रुपये प्रति लीटर थी. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91.34 लीटर और डीजल की 80.10 रुपये प्रति लीटर थी. भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी हैं.

इससे वैश्विक बाजारों में तैयार उत्पादों की मांग-आपूर्ति की स्थिति यहां ऑटो ईंधन के खुदरा मूल्य में कुछ प्रभाव डालती है. इसके बावजूद कच्चे तेल, जो इन रिफाइनरी उत्पादों की लागत का लगभग 90% है, ईंधन के खुदरा मूल्य का सबसे बड़ा निर्धारक है.

निवेशकों की चिंता है कि इससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा. ओएमसी ने गुरुवार को बाजार पूंजीकरण में संयुक्त 39,000 करोड़ रुपये का उकसान उठाया. बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक गिर गया और रुपया 73.58 रुपये के नए निचले स्तर पर आ गया, जो बुधवार के 73.34 के करीब 0.33% कम है.

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First published: 5 October 2018, 12:08 IST
 
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