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HAL में बने सुखोई रूसी कंपनी के बनाये सुखोई विमानों से 55 फीसदी महंगे : रक्षा मंत्रालय

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 October 2018, 17:36 IST

हाल ही में रक्षा मंत्रालय (एमओडी) की समीक्षा में पाया गया है कि विदेशी उपकरण के तहत बेंगलुरू स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा उत्पादित लड़ाकू जेट ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर (OEM) द्वारा बनाए विमानों से मंहगे हैं. यह रिपोर्ट उस वक्त आयी है जब विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि राफेल विमान सौदे से एचएएल को बाहर रखा गया.

जिसके तहत दासॉल्ट एविएशन भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को चौथी पीढ़ी के 36 राफेल की आपूर्ति करेगा. इस डील में अनिल अंबानी का रिलायंस समूह ऑफसेट पार्टनर होगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक अज्ञात मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि रक्षा उत्पादन विभाग दस्तावेज का अध्ययन कर रहा है.

समीक्षा दस्तावेज में पाया गया है कि भारतीय वायु सेना का एचएएल निर्मित SU-30 एमकेआई रूस की जेएससी सुखोई कंपनी द्वारा उत्पादित विमान की तुलना में लगभग 150 करोड़ रुपये महंगा है. जबकि कंपनी इस विमान को 269.7 करोड़ रुपये में बनाती है. जबकि भारत में एचएएल इस जेट विमान को 417.6 9 करोड़ रुपये की कीमत पर बनाती है.

दस्तावेज़ में कहा गया है, "एचएएल में उत्पादित विमान OEM से सीधी खरीद की तुलना में काफी अधिक लागत पर आता है. लेखापरीक्षा में ब्रिटिश निर्मित हॉक ट्रेनर एयरक्राफ्ट और भारत में बने हॉक ट्रेनर के बीच एक बड़ा अंतर मिला. रिपोर्ट में कहा गया है कि HAL के बनाए हाक ट्रेनरों का खर्च 88 करोड़ रुपए आता है, जबकि यह विमान यूके से यह 78 करोड़ रुपए में बनता है.

First published: 20 October 2018, 17:36 IST
 
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