Home » बिज़नेस » Demand of breaking record of lawyers in India is increasing in telecom sector
 

भारत के टेलिकॉम सेक्टर में क्यों बढ़ रही है वकीलों की रिकॉर्ड तोड़ डिमांड

सुनील रावत | Updated on: 19 March 2018, 16:26 IST

बीते कुछ सालों से भारतीय टेलीकॉम सेक्टर बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है. घाटे से जूझ रही टेलिकॉम कपंनियां या तो मर्जर कर रही हैं या दिवालिया. एक रिपोर्ट की माने तो  टेलिकॉम सेक्टर में कंपनियों के बीच कानूनी लड़ाई अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच गई है इसके तहत अधिग्रहण, मुकदमेबाजी, जैसे मामले बढ़ गए हैं. अब हालात यह हो चुके हैं कि कई लॉ फर्म अपने यहां टेलिकॉम सेक्टर के लिए अलग से वकीलों की टीम बना रही है.

रिक्रूटर्स का कहना है कि टेलिकॉम सेक्टर के ग्राहक अनुभवी वकील को पाने के लिए बड़ी रकम देने को भी तैयार हैं. उन्हें ऐसे वकील चाहिए जो उन्हें मुकदमे जिता सकें, इसके लिए वह 80 लाख से लेकर एक करोड़ की रकम का भुगतान करने के लिए भी तैयार हैं. कई तो ऐसे वकील भी हैं जो दूरसंचार सेक्टर की जरूरत को देखते हुए विदेशों से इसके लिए भारत लौट रहे हैं.

 

सबसे पुरानी लॉ फर्मों में से एक 'खेतान एंड को' का कहना है कि पहले टेलिकॉम सेक्टर के मुकदमों के लिए उनके पास वकीलों की कोई अच्छी टीम नहीं थी. लेकिन एक साल पहले उन्होंने इसकी शुरुआत की है. टेलिकॉम सेक्टर में जियो के कदम रखने के बाद इस सेक्टर में मुकदमों की संख्या बढ़ गई है. विदेशों में दूरसंचार में मीडिया प्रौद्योगिकी (टीएमटी) की कई टीमें होती हैं जबकि भारत में अब तक यह मुख्य रूप से मीडिया और प्रौद्योगिकी यूनिट है.

ये भी पढ़ें : क्यों दार्जिलिंग की चाय के लिए तरसने लगे हैं दुनियाभर के बाजार?

खेतान लॉ फर्म ने हाल ही में 15 वकीलों की एक टीम स्थापित की है. पिछले साल 10 से 15 मामलों के लिए खेतान फर्म ने वकीलों को किराए पर लिया था. सिरिल अमीरचंद मंगलदास में साझेदार असमी अब्बास का कहना है कि उनकी फर्म ने सभी बड़े टेलिकॉम मामलों पर काम किया है जिसमें जियो भी शामिल है. इससे पहले इस क्षेत्र में भारत का कोई प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) भी नहीं था.

सितंबर 2016 में जियो के लांच होने के साथ इस सेक्टर में भुगतान, दिवालिया मामलों, विलय, जैसे मामलों पर कानूनी झगडे बढे है. यहां 10 से 15 साल के अनुभव के कानूनी विशेषज्ञ के लिए ग्राहक 80 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये देने को तैयार है.

First published: 19 March 2018, 16:26 IST
 
अगली कहानी