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नोटबंदी पर वित्त मंत्री जेटली ने किया ये बड़ा खुलासा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 November 2018, 16:12 IST

आज ही के दिन यानि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का एलान किया था. एक ओर सरकार नोटबंदी को आर्थिक सुधार की क्रांति बताती है तो विपक्ष के लोग इसे त्रासदी कहते हैं.

वित्त मंत्री जेटली ने नोटबंदी के दो वर्ष पूरे होने पर खुलासा किया कि इसका मकसद लोगों के पास पड़े कैश जब्त करना नहीं, बल्कि उसे फॉर्मल इकॉनमी सिस्टम में लाना था. जो लोग देश से टैक्स चोरी करते थे उनसे टैक्स वसूलना भी नोटबंदी का लक्ष्य था.

दो वर्ष पूरे होने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी की उपलब्धियां गिनाई है जबकि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी के दुष्परिणाम दिन-प्रतिदिन सामने आ रहे हैं.

बड़े मुद्दों पर जेटली अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी राय जाहिर करते हैं उन्होंने फेसबुक पोस्ट लिखकर कहा कि नगदी प्रधान भारत को डिजिटाइजेशन की ओर लाने के लिए पूरे सिस्टम को मथना जरूरी था. जेटली ने कहा नोटबंदी से ब्लैक मनी पर लगाम लगा है इसके साथ ही डिजिटल ट्रांजैक्शन और टैक्स कलेक्शन में भी वृद्धि हुई है.

मनमोहन सिंह ने नोटबंदी की जमकर आलोचना की और कहा कि "कहा जाता है कि वक्त के साथ-साथ घाव भर जाते हैं, लेकिन नोटबंदी के मामले में उलटा हो रहा है."

वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी के द्वारा सबसे पहले देश के बाहर बैंकों में जमा काले धन को निशाना बनाया. काला धन रखनेवालों को जुर्माना देकर पैसा देश वापस लाने को कहा, लेकिन जिन्होंने ऐसा नहीं किया उनपर अब ब्लैक मनी ऐक्ट के तहत संगीन अपराध का मुकदमा चल रहा है.

सरकार ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष (डायरेक्ट एवं इनडायरेक्ट) दोनों तरह के टैक्स रिटर्न फाइल करने एवं टैक्स बेस बढ़ाने के लिए आधुनिक टेक्नॉलजी का इस्तेमाल बढ़ाया है जिससे टैक्स कलेक्शन के बड़ा इजाफा हुआ है.    

First published: 8 November 2018, 16:12 IST
 
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