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'इतिहास में पहली बार इतना महंगा हुआ डीजल, मोदी सरकार उठा रही अप्रत्याशित लाभ'

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2018, 15:38 IST

डीजल की कीमत दिल्ली में 65.31 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक आज तक के रिकॉर्ड में डीजल कभी इतना महंगा नहीं बिका. वहीं दिल्ली में पेट्रोल की बात करें तो इसकी कीमत 74.08 रुपए प्रति लीटर है. इससे पहले इतना महंगा पेट्रोल सितंबर 2013 में बिका था. 19 अप्रैल को पेट्रोल दिल्ली में 74.07 रुपए प्रति लीटर बिका. 20 अप्रैल को इसमें 1 पैसा प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई.

इसे लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. पी. चिदंबरम ने सरकार से सवाल किया कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें मई 2014 से ज्यादा क्यों हैं, जबकि उस समय अंतर्राष्ट्रीय कीमतें आज की तुलना में ज्यादा थीं. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि सरकार बेखबर है और इस मुद्दे पर कुप्रबंधन की शिकार है.

 

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, "कच्चे तेल की प्रति बैरल 74 अमेरिकी डॉलर की कीमत, चार साल पहले के प्रति बैरल 105 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अभी भी कम है. मई 2014 की तुलना में आज पेट्रोल व डीजल की कीमतें ज्यादा क्यों है? बीते चार सालों से भाजपा सरकार तेल की कीमतों से अप्रत्याशित लाभ उठा रही है. तेल के अप्रत्याशित लाभ को छोड़कर भाजपा सरकार को इस बारे में कुछ अता-पता नहीं है."

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उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शेखी बघारती है कि वह 22 राज्यों में सत्ता में है. तो फिर भाजपा सरकार पेट्रोलियम व पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने से इनकार क्यों कर रही है? इसका कारण भाजपा सरकार की ग्राहकों पर करों का बोझ लादने की नीति है.

बता दें कि 19 अप्रैल को अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. इसी के बाद माना जा रहा था कि पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी होगी. अटकलें लगाई जा रही थींं कि शुक्रवार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर से वृद्धि होगीं.

First published: 20 April 2018, 15:39 IST
 
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