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डेटा पर है सिर्फ ग्राहक का अधिकार, सरकार लाएगी कानून

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 July 2018, 11:45 IST

यूरोपियन यूनियन द्वारा तैयार सामान्य डेटा संरक्षण विनियमन (जीडीपीआर) के आधार पर दूरसंचार नियामक (TRAI) ने सोमवार को मजबूत डेटा संरक्षण कानूनों का प्रस्ताव दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय टेलीकॉम यूजर्स का अपने डिजिटल डेटा का अधिकार सुरक्षित रहे.

यदि केंद्र द्वारा सिफारिशें स्वीकार की जाती हैं तो Google और फेसबुक जैसे डिजिटल सेवा प्रदाता, व्हाट्सएप जैसे एप्लिकेशन डेवलपर्स, यूआईडीएआई जैसी सरकारी संस्थाएं, डिवाइस निर्माताओं जैसे शियोमी जैसे दूरसंचार ऑपरेटरों के साथ यह सुनिश्चित करना होगा कि उपयोगकर्ता का डेटा उनकी सहमति के साथ एकत्र किया जा सके.

 

टेलिकॉम रेग्युलेटर ने यह भी कहा कि ग्राहक ही अपने डेटा के मालिक हैं. ट्राई ने कहा जो कंपनियां यूजर्स की जानकारियां इकट्ठा करती हैं, वे इन जानकारियों की संरक्षक मात्र हैं और उन्हें ग्राहकों की जानकारियों पर अपना मालिकाना हक जताने का कोई अधिकार नहीं है.

साथ में कहा गया है कि यूजर की जानकारी हाथ लग जाने पर टेलिकॉम कंपनी उसे सुरक्षित नहीं कर सकती है ताकि वह अपने फायदे के लिए वक्त-वक्त पर इसका इस्तेमाल करती रहे. ट्राई ने यह भी कहा कि यूजर को डेटा पोर्टिबलिटी का अधिकार होना चाहिए. ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा कि वह सिफारिशों को इसी समिति के पास भेंजेंगे. ट्राई की सिफारिशों पर दूसरसंचार विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा.

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First published: 17 July 2018, 11:45 IST
 
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