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दूरसंचार विभाग को 49,000 करोड़ रुपये की आय होगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 January 2016, 16:31 IST

मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान दूरसंचार विभाग को स्पेक्ट्रम नीलामी के अभाव के बावजूद भी 49,000 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है. यह आंकड़ा विभाग के बजटीय लक्ष्य 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. मालूम हो कि सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष में स्पेक्ट्रम नीमाली से संभावित और लाइसेंस शुल्क समेत अन्य संचार सेवाओं से 42,865 करोड़ रुपये की आय होने का लक्ष्य रखा गया था. 

पीटीआई को दिए बयान में दूरसंचार सचिव राकेश गर्ग ने कहा, "चालू वित्त वर्ष के लिए आय का अनुमान 49,000 करोड़ रुपये से अधिक है जिसमें 37,000 करोड़ रुपये दिसंबर तक प्राप्त हो गए हैं."

गर्ग ने कहा कि दूरसंचार विभाग को मार्च में स्पेक्ट्रमम नीलामी से 22,332.42 करोड़ रुपये, लाइसेंस नीलामी से 6,701.92 करोड़ रुपये, स्पेक्ट्रम शुल्क के तौर पर 5,754.53 करोड़ रुपये और दिसंबर तक अन्य प्राप्तियं के जरिये 2,246.09 करोड़ रुपये मिले.

इतना ही नहीं दूरसंचार विभाग को रिलांयस कम्युनिकेशंस से 16 सर्किल के लिए स्पेक्ट्रम उदारीकरण शुल्क के तौर पर 5,384 करोड़ रुपये मिले हैं. जबकि वोडाफोन ने विभिन्न अनुषंगियों के विलय के लिए 2,450 करोड़ रुपये अदा किए. 

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गर्ग ने यह भी बताया कि विभाग को चालू वित्त वर्ष के शेष महीनों के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क, लाइसेंस शुल्क रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेष चार सर्किलों के लिए उदारीकरण शुल्क मिलेगा. दूरसंचार विभाग ने ट्राई से कहा है कि वे चार सर्किल के बारे में अपनी राय दें जहां बाजार निर्धारित मूल्य उपलब्ध नहीं हैं. 

रिलायंस कम्युनिकेशंस से करीब 6,000 करोड़ रुपये की आय होगी. रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 20 सर्किलों में 800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को सरल बनाने के लिए आवेदन किया था. गर्ग के मुताबिक सरकार इस साल करीब मई-जून में स्पेक्ट्रम की अगले दौर की नीलामी कर सकती है. 

इस क्षेत्र का नियामक ट्राई इस महीने के अंत तक आरक्षित मूल्य के बारे में सिफारिशस सौंपेगा. गर्ग ने कहा कि ट्राई की राय के बाद पूरी प्रक्रिया में करीब चार-पांच माह का वक्त लगेगा क्योंकि दूरसंचार विभाग को कुछ स्पष्टीकरण की जरूरत होती है. दूरसंचार आयोग को मंत्रिमंडल से अंतिम मंजूरी मिलने से पहले आरक्षित मूल्य पर अंतिम फैसला करना होता है.

First published: 25 January 2016, 16:31 IST
 
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