Home » बिज़नेस » DRI was in the eyes of Neerav Modi, yet negligent as he was spreading his diamond business
 

DRI की नजर में 2014 से थे मोदी, फिर भी बेपरवाह ऐसे फैलाते जा रहे थे अपना कारोबार

सुनील रावत | Updated on: 16 February 2018, 14:32 IST

मीडिया रिपोर्ट की माने पीएनबी से 1300 करोड़ की धोखधडी करने वाले डायमंड कारोबारी नीरव मोदी को लेकर साल 2016 में ही प्रधानमंत्री कार्यालय को अलर्ट किया गया था लेकिन फिर भी नीरव मोदी प्रधानमंत्री के साथ दावोस दिखे. बैंकों में अपनी धोखाधड़ी के डर से बेपरवाह नीरव मोदी लगातार अपने ब्रांड को दुनियाभर में बढ़ाने में मशगूल थे.

2014 से ही जानती थी डीआरआई 

सरकारी एजेंसियां ने इस मामले में तब हाथ-पांव मारने तब शुरू किये जब इस साल जनवरी के पहले हफ्ते में नीरव मोदी और उसका परिवार देश छोड़ चुका था. ऐसा भी नहीं है कि मोदी सरकार को नीरव मोदी के फ्रॉड का पता ही नहीं था. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट की माने तो डाइरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की नजर नीरव मोदी पर साल 2014 में मोदी सरकार  बनने के दौरान ही पड़ गयी थी.

साल 2014 में डीआरआई ने नीरव मोदी की तीन कंपनियों की 37 .16 करोड़ की जाँच की थी. डीआरआई का आरोप था कि मोदी की कंपनियां कवर के तौर पर स्पेशल इकनोमिक जॉन से डायमंड और मोती का आयात कर रही थी. कंपनी इस पर ड्यूटी चुकाए बिना इसे डोमेस्टिक मार्केट में बेच रही थी.

इससे पहले एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी खुद नीरव मोदी के कारोबारी साथी और रिश्तेदार मेहुल चौकसी का नाम (मेहुल भाई ) लेते नजर आये. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट की माने तो एक सप्ताह पहले ही नीरव मोदी ने मकाउ में अपना शो-रूम खोला था. रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ तीन महीने पहले उन्होंने नई दिल्ली के डीएलएफ एम्पोरियो के चाणक्य मॉल में अपना दूसरा स्टोर खोला. साथ ही उनकी इस साल बेंगलूरु में भी एक स्टोर खोलने की योजना भी बनी थी.

2020 तक 100 स्टोर खोलने का था लक्ष्य 

मोदी ने वर्ष 2020 तक अपने स्टोर की संख्या 100 पहुंचाने का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. नीरव मोदी की कंपनी के न्यूयॉर्क, लास वेगस, होनोलूलू, सिंगापुर और बीजिंग में कंपनी के स्टोर हैं. लंदन में एक स्टोर, मकाऊ में 3 और हॉन्ग कॉन्ग में 4 स्टोर हैं. कंपनी की योजना बेंगलूरु के अलावा लंदन में एक और स्टोर खोलने की है.

कौन है नीरव मोदी 

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार नीरव मोदी के माता-पिता भारतीय है. उनके पिता हीरों के जौहरी थे जो कारोबार करने बेल्जियम चले गए. वॉर्टन में अपनी पढ़ाई कर रहे थे मोदी को पिता का कारोबार मंदा होने के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी. पिता का कारोबार संभालने के लिए वह वापस चले गए. इसके बाद वह भारत आए और उन्होंने अपने मामा मेहुल चोकसी के मार्गदर्शन में हीरा कारोबार की बारीकियों को सीखा.

First published: 16 February 2018, 14:23 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी