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आर्थिक पैकेज बंटवारा: MSME को 3 लाख करोड़ के लोन सहित ये हैं वित्त मंत्री के बड़े ऐलान

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 May 2020, 17:18 IST

Lockdown : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रधानमंत्री द्वारा मंगलवार को घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक राहत पैकेज आत्मनिर्भर भारत' को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने कहा समाज के कई वर्गों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद पीएम ने एक व्यापक दृष्टिकोण को आपके सामने रखा.

वित्त मंत्री ने कहा यह पैकेज देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हैं और आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ-अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मानिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि भारत को एक अलगाववादी देश होना चाहिए.


इस दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी के आत्मनिर्भर अभियान ने भारत को नई ऊर्जा मिली है. उन्होंने कहा अलग-अलग दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अलग-अलग सेक्टर्स की जानकारी दी जाएगी.

वित्त मंत्री की घोषणाएं

कुटीर लघु उद्योग के लिए ऐसे 6 कदम उठाएंगे, 2 ईपीफ के लिए, NBFC से जुड़े 2 फैसले और 1 एमएफआई से जुड़े हैं. मध्यम, सूक्ष्म, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और घरेलू उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. इन MSME's को 3 लाख करोड़ रुपए का कोलेट्रल फ्री ऑटोमैटिक लोन दिया जाएगा. इसकी समय सीमा 4 वर्ष होगी और पहले 1 साल मूलधन नहीं चुकाना होगा.

इसमें किसी भी तरह की गारंटी और कोई कोलेट्रल देने की जरूरत नहीं है. 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले MSME इसके पात्र हैं. इससे 45 लाख MSME को इससे लाभ होगा. NPA वाली MSME को भी लोन दिया जायेगा.

एमएसएमई की परिभाषा को संशोधित किया गया है, निवेश सीमा को संशोधित किया जाएगा, टर्नओवर के अतिरिक्त मापदंड भी पेश किए जाएंगे.

10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ के टर्नओवर वाले इंटरप्राइज को स्मॉल यूनिट माना जाएगा, 30 करोड़ तक का निवेश और 100 करोड़ के टर्नओवर वालों को मीडियम इंटरप्राइज माना जाएगा.

आकार और क्षमता को बढ़ाने की सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं तो उसके लिए फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है. इसके माध्यम से 50,000 करोड़ रुपए का इक्विटी इन्फ्यूज़न होगा.

संकट में फंसे 2 लाख एमएसएमई को कर्ज के लिए 20,000 करोड़ रुपये.अब 200 करोड़ तक के सरकारी कामों के लिए ग्लोबर टेंडर नहीं होंगे.

सरकार ने व्यापार और श्रमिकों के लिए 3 और महीनों के लिए ईपीएफ समर्थन जारी रखने का फैसला किया है. इसके लिए 2,500 करोड़ रुपये प्रदान किये गए हैं.

कर्मचारियों को पीएफ के भुगतान में नियोक्ताओं को अधिक वेतन देने और नियोक्ताओं को राहत देने के लिए, ईपीएफ अंशदान 3 महीने के लिए व्यवसायों और श्रमिकों के लिए कम किया जा रहा है, जिसकी राशि 6750 करोड़ रुपये है.

कर्मचारियों का 12 फीसदी की जगह 10 फीसदी ईपीएफ कटेगा, पीएसयू में 12 फीसदी ही कटेगा ईपीएफ. 15,000 से कम वेतन वालों का पीएफ अगले 3 महीने तक सरकार देगी. 72 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. 2,500 करोड़ का लाभ लोगों को इस योजना से मिलेगा.

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First published: 13 May 2020, 17:11 IST
 
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