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विजय माल्या की 6,600 करोड़ रुपये की संपत्ति और शेयर जब्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 September 2016, 14:49 IST
QUICK PILL
  • बैंकों का पैसा लेकर विदेश भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी 6,600 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति और शेयरों को जब्त कर लिया है. 
  • बंद हो चुकी एयरलाइंस कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों के समूह का करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. किंगफिशयर एयरलाइंस विजय माल्या की कंपनी है. इसके अलावा ईडी माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्र्रिंग के मामले की भी जांच कर रही है.
  • प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र में करीब 200 करोड़ रुपये की कीमत वाली फॉर्म हाउस और बेंगलुरू में 800 करोड़ रुपये की कीमत के एक अपार्टमेंट बिल्डिंग को जब्त कर लिया है.

बैंकों का पैसा लेकर विदेश भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी 6,600 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति और शेयरों को जब्त कर लिया है. 

प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र में करीब 200 करोड़ रुपये की कीमत वाली फॉर्म हाउस और बेंगलुरू में 800 करोड़ रुपये की कीमत के एक अपार्टमेंट बिल्डिंग को जब्त कर लिया है.

जांच एजेंसी ने इसके अलावा यूबीएल और यूएसएल में माल्या के शेयरों को भी जब्त कर लिया है जिसकी कीमत करीब 3,000 करोड़ रुपये है. 

सरकार बैंकों का कर्ज दबाकर बैठे बड़े कॉरपोरेट के खिलाफ पूरी सख्ती का मन बना चुकी है और आने वाले दिनों माल्या की मुश्किलें बढ़ने ही वाली हैं. माल्या के खिलाफ हुई सख्त कार्रवाई के बाद बैंकों का कर्ज लेकर बैठे अन्य डिफॉल्टर्स पर कर्ज लौटाने का दबाव बनेगा.

यूबीएल और यूएसएल में माल्या के शेयरों को भी जब्त कर लिया है जिसकी कीमत करीब 3,000 करोड़ रुपये है.

माल्या ने इस बीच बैंकों को कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में गठित बैंकों के कंर्सोसियम ने माल्या के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

बंद हो चुकी एयरलाइंस कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों के समूह का करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. किंगफिशयर एयरलाइंस विजय माल्या की कंपनी है. इसके अलावा ईडी माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्र्रिंग के मामले की भी जांच कर रही है.

छिपा रहे हैं अपनी संपत्ति

25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने बैंक समूह की याचिका की सुनवाई करते हुए माल्या को नोटिस जारी किया था. याचिका में बैंकों का आरोप था कि माल्या जानबूझकर अपनी पूरी संपत्ति का ब्योरा नहीं दे रहे हैं.

एसबीआई की अगुवाई वाली कंसोर्सियम ने कोर्ट को बताया कि माल्या जानबूझकर अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं कर रहे हैं. 

माल्या ने फरवरी में उन्हें एक ब्रिटिश कंपनी से मिली 4 करोड़ डॉलर की रकम के बारे में बैंकों को जानकारी नहीं दी. 

बैंकों की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट के बेंच को बताया कि माल्या ने फरवरी में मिली इस रकम के बारे में नहीं बताया, जबकि उन्होंने अपना जवाब मार्च में दाखिल किया था. 

सुप्रीम कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में माल्या से उनकी संपत्तियों का ब्योरा मांगा था. बैंकों का आरोप है कि माल्या जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और नहीं उन्होंने अपनी विदेशी संपत्तियों के बारे में बैंकों को कोई जानकारी दी है. 

वहीं माल्या का कहना रहा है कि बैंकों को उनकी विदेश में मौजूद चल और अचल संपत्ति के बारे में सूचना पाने का अधिकार नहीं है क्योंकि वह 1988 से एनआरआई हैं. माल्या का कहना है कि एनआरआई होने के नाते वह अपनी विदेशी परिसंपित्तयों के बारे में जानकारी देने को बाध्य नहीं है.  

First published: 3 September 2016, 14:49 IST
 
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