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मोदी सरकार के अंतरिम बजट 2019-20 से क्या उम्मीदें हैं ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2019, 15:54 IST
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सरकार शुक्रवार को 2019-20 वित्तीय वर्ष के लिए अंतरिम बजट पेश करेगी. निवेशकों को कृषि जैसे क्षेत्रों में निवेश की उम्मीद है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई तक होने वाले आम चुनावों से पहले मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर सकते हैं.

मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बीते राज्य के चुनावों में हर के बाद बजट में सरकार को किसानों के लिए राहत दे सकती है. सरकार से टैक्स कटौती के माध्यम से ग्रामीण और शहरी मध्यम वर्ग के मतदाताओं को लुभाने की उम्मीद है.

जबकि रेलवे, सड़कों और बंदरगाहों पर पूंजीगत व्यय में 7-7 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए सरकार को अगले वित्त वर्ष के लिए लगभग 7.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान है.

 

कृषि

फार्म राहत पैकेज कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये ($ 14.04 बिलियन) तक जा सकता है. जबकि वित्त वर्ष में खाद्य सब्सिडी के लिए लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये निर्धारित हो सकता है.
खाद्य फसलों के लिए बीमा पॉलिसी लेने के लिए प्रीमियम माफ करने की उम्मीद है. जबकि समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए फसली ऋण पर ब्याज माफ करने का प्रस्ताव भी सरकार पेश कर सकती है.

 

विनिवेश

वित्त वर्ष 2019-20 में राज्य संपत्ति की बिक्री से लगभग 11 बिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा जा सकता है. जबकि आईपीओ के माध्यम से संभावित हिस्सेदारी की बिक्री में दूरसंचार कंसल्टेंट्स इंडिया, भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी IRCTC, रेलटेल कॉर्प इंडिया और नेशनल सीड्स कॉर्प शामिल हैं.

आगामी अंतरिम बजट में सोने में ड्यूटी कट के आसपास अटकलें भी लगाई जा रही है. नोटबंदी के बाद इस सेक्टर को बड़ा नुकसान हुआ था इसलिए ज्वैलर्स की मांग है कि सरकार सोने की इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती करे. 1 फ़रवरी को पेश होने वाले बजट में सरकार स्वास्थ्य के लिए बजट आवंटन एक साल पहले से 5 प्रतिशत बढ़ा सकती है.

टैक्स

बजट में सरकार कॉर्पोरेट टैक्स में 30 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की कटौती कर कॉर्पोरेट कर की दर चुनाव के बाद तक होल्ड पर रख सकती है. जबकि मध्यम वर्ग और प्रत्याशित छोटे व्यवसायों के लिए उच्च कर में छूट दी जा सकती है.

बैंकिंग

50 लाख रुपये से कम की वार्षिक बिक्री वाले व्यवसायों के लिए ऋण पर 2 प्रतिशत अंक की छूट दी जा सकती है. जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के सामान्य बीमाकर्ताओं के लिए 40 अरब रुपये की पूंजी दी जाने की उम्मीद की जा रही है. बजट में सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी पर माल और सेवा कर (जीएसटी) में कमी कर सकती है.

First published: 31 January 2019, 15:32 IST
 
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