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IL&FS के बाद अब बड़े NBFC डूबने के कगार पर, आरबीआई ने दी चेतावनी

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2019, 10:31 IST

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) के जून 2019 संस्करण में कहा कि बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) पर अधिक निगरानी की आवश्यकता है.  आरबीआई ने आगाह किया कि किसी भी बड़े एनबीएफसी या एचएफसी के दिवालिया होने से उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद के परिणामस्वरूप बड़े बैंकों की तुलना में नुकसान हो सकता है.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के कारण भारत की वित्तीय प्रणाली स्थिर बनी हुई है, लेकिन कुछ गैर वित्तीय कंपनियों के डूबने की आशंका जताई है. एक बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से खतरे की आशंका जताई गई है. वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के हालिया दबाव अस्थिरता पैदा की है. HFC और NBFC सेक्टर कठिन दौर से गुजर रहे हैं.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि केंद्रीय बैंक कुछ बड़े खिलाड़ियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है, लेकिन इसने अभी तक कोई क्रेडिट लाइन नहीं बढ़ाई है. 31 मार्च 2019 को, RBI के साथ 9,659 NBFC पंजीकृत थे, जिनमें से 88 जमा स्वीकार कर रहे थे.

एनबीएफसी क्षेत्र के GNPAs 2018-19 में 6.6% से बढ़कर 2017-18 में 5.8% हो गया. हालांकि 2018-19 में शुद्ध एनपीए अनुपात मामूली घटकर 3.7% हो गया, जो 2017-18 में 3.8% था. मार्च 2019 तक, एनबीएफसी क्षेत्र का सीआरएआर मार्च 2018 में 22.8% से 19.3% हो गया.

एक साल पहले आईएलएंडएफसी के डिफ़ॉल्ट होने के बाद से वित्तीय बाजार में उथल पुथल मची हुई है. म्युचुअल फंडों ने एनबीएफसी को उधर देना बंद कर दिया और वह अब अपनी सम्पत्तियां बेचने को मजबूर है. एनबीएफसी के लिए उधार लेना लगातार महंगा हो रहा है. इससे पहले 1960 के दशक में एनबीएफसी में पैसा जमा कराने वाले कई लोगों पैसे डूब गए थे. जिसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने 1963 से एनबीएफसी निगरानी शुरू की और नए नियम बनाये.

हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े एचएफसी / एनबीएफसी पर अधिक निगरानी की आवश्यकता है. बैंकों ने अपने लचीलेपन में सुधार किया है. मार्च 2019 में बैंकों का प्रावधान कवरेज अनुपात तेजी से बढ़कर 60.6 प्रतिशत हो गया, जो सितंबर 2018 में 52.4 प्रतिशत और मार्च 2018 में 48.3 प्रतिशत था.

क्या है एनबीएफसी

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) बैंक की तरह उधार देते हैं.इसमें बीमा, चिटफंड, निधि, मर्चेंट बैंकिंग, स्टॉक ब्रोकिंग और इन्वेस्टमेंट बिजनेसकंपनियां भी शामिल हैं.

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First published: 28 June 2019, 10:10 IST
 
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