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सोने पर एक्साइज ड्यूटी वापस लेने से जेटली का इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2016, 16:16 IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर साफ किया है कि सोने के आभूषणों पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) लगाने का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा. सरकार केे फैसले के खिलाफ आभूषण कारोबारी दो महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं.

लोकसभा में अरुण जेटली ने बयान देते हुए कहा कि केंद्र सरकार गोल्ड (सोने) पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले पर अडिग है. 29 फरवरी को आम बजट के प्रस्तावों का एलान करते हुए जेटली ने सोने पर एक्साइज ड्यूटी का प्रावधान रखा था.

Jaitley

मार्च से ज्वैलर्स का प्रदर्शन


वित्त मंत्री ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार एक्साइज ड्यूटी को वापस लेने नहीं जा रही. देश भर के ज्वैलर्स मार्च से ही सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं.

सोने पर एक्साइज ड्यूटी लगने से ज्वैलर्स की लागत बढ़ जाएगी. जिससे सोने के जेवरात महंगे हो सकते हैं. वहीं सरकार के इस कदम से ज्वैलर्स को बिक्री कम होने के साथ-साथ इंस्पेक्टर राज बढ़ने का डर है.

इससे पहले यूपीए-दो के कार्यकाल में भी सोने पर एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी. 2012 में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी का फैसला लिया था.

हालांकि यूपीए सरकार ने ज्वैलर्स की 22 दिन तक चली हड़ताल के बाद फैसला वापस लिया था. 

बीजेपी नेता ने उड़ाया था मजाक


वहीं इस फैसले को लेकर अरुण जेटली के खिलाफ आगरा के बीजेपी विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने भी टिप्पणी की थी. आगरा उत्तर से विधायक जगन ने पीएम मोदी से जेटली को मंत्रिमंडल से हटाने की अपील की थी. 

पढ़ें:बीजेपी विधायक ने पीएम मोदी से की वित्त मंत्री को हटाने की मांग

जगन गर्ग ने जेटली पर ज्वैलर्स की परेशानी की अनदेखी का आरोप लगाते हुए निशाना साधा था. गर्ग ने कहा था कि वित्त मंत्री उनकी तरह चुनकर नहीं बल्कि पतली गली से आए हैं.

वित्त मंत्री के फैसले पर सवाल उठाते हुए बीजेपी विधायक ने कहा था कि जेटली तो वकील हैं, जो सिर्फ फीस लेते हैं.   

First published: 5 May 2016, 16:16 IST
 
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