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सरकार को डरा रही है बड़ी आर्थिक मंदी, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को मनाएंगी वित्त मंत्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2019, 12:27 IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) से मुलाकात करेंगी. सरकार विदेशी निवेशकों के सेंटीमेंट में बढाना चाहती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दिनों से टैक्स हटाने का दबाव झेल रही है, इसलिए एफपीआई पर टैक्स को कम करने का बड़ा  कदम उठाया जा सकता है.

सरकार के टैक्स कलेक्शन में इस साल अप्रैल से लेकर मई तक मात्र 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. यानी  कि आने वाले दिनों में सरकार को 30 फीसदी की दर से रेवेन्यू हासिल करने की आवश्यकता होगी. पिछले दिनों विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में फंड की निकासी की है.

 

ऑटो सेक्टर बड़ी मंदी का समना कर रहा है, जिससे नौकरियों में लगातार कटौती की जा रही है. पिछले महीने के बजट में सीतारमण ने सालाना 20 मिलियन रुपये ($ 282,925.45) से अधिक आय वालों पर करों में वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा, इस कदम ने कई एफपीआई को झकझोर दिया. विदेशी निवेशकों ने अकेले जुलाई में भारतीय इक्विटी में 1.8 बिलियन डॉलर का निवेश किया था. जानकारों का मानना है कि सरकार की नीतियों ने अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक लगातार दूर भाग रहे हैं.

सीतारमण ने कहा कि ऑटो सेक्टर के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद उद्योग की मदद के लिए काफी जल्दी कदम उठाए जाएंगे, जिससे हजारों नौकरियों में कटौती हुई है. देश की दिग्गज ऑटो  कंपनियों का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है. जुलाई के आंकड़ों की माने तो देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति की बिक्री में 36 फीसदी की गिरावट आयी है इसी तरह महिंद्रा टैक्टर की बिक्री में 12 फीसदी और अशोक लेलैंड की बिक्री में 14 फीसदी की गिरावट आयी है. आंकड़ों के अनुसार देशभर में 280 कार डीलरशिप बंद होने की खबर है, जिसे बड़ी संख्या में नौकरियां गई हैं.

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First published: 9 August 2019, 12:12 IST
 
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