Home » बिज़नेस » Finance ministry may instruct to reduce EPFO interest rates on provident fund PF
 

8 करोड़ PF खाताधारकों को लग सकता है तगड़ा झटका, मोदी सरकार कर रही तैयारी!

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2019, 19:04 IST

केंद्र सरकार प्रॉविडेंट फंड (PF) पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को पीएफ पर सालाना ब्याज दर को 8.65 प्रतिशत को कम करने के निर्देश दिए हैं. इसका सीधा असर करीब 8 करोड़ पीएफ खाता धारकों पर पड़ेगा. देश के आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है. इस वजह से वित्त मंत्रालय को प्रॉविडेंट फंड पर बैंकों के लिए ज्यादा ब्याज दरें देना संभव नहीं होगा.

वित्त मंत्रालय ने EPFO से जानकारी मांगी थी कि क्या इतना ब्याज देने के लिए उनके के पास पर्याप्त फंड है. नौकरी-पेश लोगों की सैलरी में कुछ हिस्सा कट जाता है और कुछ कंपनी वहन करती है. यह रकम आपके PF (Provident Fund) खाते में जमा होती है. जो कि भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा मुहैया करती है. इसकी ब्याज दरें सरकार तय करती है. वर्त्तमान में खाताधारकों को 8.65 फीसदी का ब्याज मिल रहा है.

देश में कुल कामगारों का 20 प्रतिशत EPFO मेंबर हैं, जो मासिक अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा प्रॉविडेंट फंड में जमा करते हैं. ईपीएफओ अपने फंड का 85 फीसदी से भी ज्यादा भाग केंद्र और राज्यों की सिक्योरिटीज और ऊंची रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड्स में निवेश करता है. 190 अरब डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली ईपीएफओ ने तकरीबन 8.31 करोड़ डॉलर (5.75 अरब रुपये) मुश्किलों से जूझ रही फाइनेंस कंपनी IL&FS के बॉन्ड्स में निवेश किए थे. हालांकि, फंड्स के खराब प्रदर्शन को देखते हुए यह ब्याज दर सही नहीं लग रही है. EPFO अधिकारियों के मुताबिक, महंगाई में 3 फीसदी इजाफे को देखते हुए बढ़ी हुई ब्याज दर उन लोगों को आकर्षित करेगी जो सेविंग करना चाहते हैं.

First published: 28 June 2019, 19:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी