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टूटेगी 150 साल पुरानी परंपरा, अगले साल से नवंबर में आएगा आम बजट!

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2017, 15:08 IST

साल 2018 से देश के वित्त वर्ष की शुरुआत अप्रैल के बजाय जनवरी से हो सकती है. मोदी सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है. इस हालात में देश का अगला बजट नवंबर में पेश हो सकता है. इसके चलते 150 साल से चली आ रही अप्रैल-मार्च की वित्त वर्ष की परंपरा में बदलाव हो सकता है. 

मोदी सरकार वित्त वर्ष को कैलेंडर वर्ष के हिसाब से बदलने पर तेजी से काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बदलाव की वकालत की है. इससे पहले सरकार बजट को फरवरी के आखिरी में पेश करने की पुरानी परंपरा को बदल चुकी है. इस साल बजट एक फरवरी को पेश किया गया.

वित्त वर्ष को बदलने के जिस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, उसके मुताबिक संसद का बजट सत्र दिसंबर से पहले हो सकता है, ताकि बजट को साल के अंत से पहले पूरा किया जा सके. बता दें कि बजट प्रक्रिया को पूरा होने में दो महीने का समय लग सकता है. ऐसे में बजट सत्र नवंबर के पहले सप्ताह में आयोजित हो सकता है.

भारत में वित्त वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. ये व्यवस्था को 1867 में शुरू की गई थी और इससे भारतीय वित्त वर्ष का ब्रिटिश सरकार के वित्त वर्ष से तालमेल बिठाया गया था. इससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष 1 मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक रहता था.

मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जो की विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, "समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं सही नतीजे देने में सफल नहीं रही हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला पहला राज्य है." 

First published: 27 June 2017, 15:08 IST
 
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