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राजकोषीय घाटे को काबू में रखेगी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 February 2016, 16:01 IST
QUICK PILL
  • 2016-17 के बजट में राजकोषीय घाटे पर काबू करने के लक्ष्य पर खासा ध्यान दिया गया है. बजट भाषण में वित्तमंत्री जेटली ने वित्त वर्ष 2016 के लिए जीडीपी के मुकाबले 3.9 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है. 
  • बजट से पहले पेश आर्थिक सर्वेक्षण में भी सरकार ने 2015-16 के लिए 7-7.75 फीसदी जीडीपी का अनुमान जताया है. 2015-16 में देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रही थी जो कि पूर्व के अनुमान 8.1-8.5 फीसदी से कम थी.

जेटली ने कहा कि वित्त वर्ष 2017 के लिए हम जीडीपी के मुकाबले 3.5 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं. खराब वैश्विक हालात के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का हवाला देते हुए जेटली ने कहा, 'वैश्विक अर्थव्यवस्था बेहद खराब हालत में है. वित्तीय बाजार बुरी तरह पिटा हुआ लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी स्थिति मजबूत बना रखी है.'

2015-16 में देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रही थी जो कि पूर्व के अनुमान 8.1-8.5 फीसदी से कम थी

खराब वित्तीय हालत के लिए उन्होंने पूर्व यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा. जेटली ने कहा कि हमें विरासत में एक कमजोर अर्थव्यवस्था मिली थी जिसे हम सुधारने में सफल रहे हैं. 

बजट से पहले पेश आर्थिक सर्वेक्षण में भी सरकार ने 2015-16 के लिए 7-7.75 फीसदी जीडीपी का अनुमान जताया है. 2015-16 में देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रही थी जो कि पूर्व के अनुमान 8.1-8.5 फीसदी से कम थी. आर्थिक सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि अगले दो सालों में भारत की अर्थव्यवस्था 8-10 फीसदी की दर से आगे बढ़ सकती है.

1 अप्रैल 2017 से लागू होगा गार

वहीं एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जेटली ने कहा कि मोदी सरकार एक अप्रैल 2017 से गार लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

सुपर रिच को झटका

बजट में सुपर रिच समुदाय को कोई राहत नहीं दी गई है. जेटली ने एक करोड़ रुपये से अधिक की कमाई पर टैक्स की दर को 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. सरकार की मंशा अधिक कमाई वाले लोगों से ज्यादा कर की उगाही करने की है. सरकार ने इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि कुछ छूट भी दी गई है.

  1. 5 लाख की आमदनी में 3 हजार रुपये टैक्स का फायदा.
  2. 5 लाख की आमदनी पर एचआरए 24 हजार से बढ़कर 60 हजार रुपया हुआ.
  3. मकान किराए में 60 हजार रुपये तक की छूट.
  4. व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं.

 

सेबी एक्ट में होगा संशोधन

जेटली ने सेबी एक्ट में संशोधन किए जाने की घोषणा की है ताकि सैट (सिक्योरिटी अपीलेट ट्रिब्यूनल) की संख्या में बढ़ोतरी की जा सके. फिलहाल देश में सैट की केवल एक शाखा है. सैट की एकमात्र शाखा मुंबई में स्थित है. सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की तरफ से सुनाए गए फैसलों के खिलाफ केवल सैट में ही अपील की जाती है.

सैट की संख्या में बढ़ोतरी किए जाने की वजह सेबी के फैसलों के खिलाफ लंबित पड़े मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी. सैट एक वैधानिक संस्था है और इसका गठन सेबी एक्ट 1992 के तहत किया गया था. 

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First published: 29 February 2016, 16:01 IST
 
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