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खुलासाः जानिए क्यों सीईओ के पद से हटाए गए फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 August 2016, 19:15 IST

देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए स्वीकार किया है कि प्रदर्शन क्षमता में पड़ते असर के कारण उन्हें चीफ एग्जीक्यूटिव पद (सीईओ) पद से हटाया गया. 

सचिन ने यह खुलासा उस वक्त किया जब बीते 19 अगस्त को बेंगलुरू स्थित फ्लिपकार्ट के मुख्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें सचिन कंपनी के कर्मचारियों को रोजगार में कटौती के संबंध में आश्वासन दे रहे थे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी के सभी कर्मचारियों के प्रदर्शन को एक ही आधार पर परखा जाता है.

बता दें कि जुलाई में फ्लिपकार्ट ने घोषणा की थी कि वो खराब प्रदर्शन के आधार पर कंपनी के कम से कम 300 कर्मचारियों को निकालने जा रही है. 

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इससे पहले इस साल जनवरी में सचिन बंसल की जगह किसी दूसरे को सीईओ बनाए जाने के फैसले से तमाम लोग हैरान हो गए थेे. उस वक्त फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल को कंपनी का नया सीईओ बनाया गया था.

इस दौरान कंपनी की स्थापना से ही सीईओ का पद संभालने वाले सचिन बंसल को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का एक नया सृजित कर सौंप दिया गया था.

बताया जा रहा है कि त्योहारी मौसम के आने से पहले अपने कर्मचारियों का विश्वास जीतने के लिए सचिन बंसल ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए यह बयान दिया है. 

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अखबार की मानें तो एक सूत्र ने कहा कि सचिन बंसल बोल रहे थे, "अपने आसपास के शीर्ष स्तर को देेखिए. हर कोई बदल गया है. वास्तव में यहां तक की मैं भी हट गया हूं. हमारे कुछ लक्ष्य अधूरे रह गए और शीर्ष प्रबंधन समेत हर व्यक्ति को इसकी कीमत चुकानी पड़ी."

सचिन बंसल की इस टिप्पणी के संबंध में कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, "फ्लिपकार्ट में एक खुला और पारदर्शी माहौल है. हम जिस टाउन हाल का नियमित आयोजन करते हैं वो इस खुलेपन के माहौल के एक स्तंभों में से है. सहयोगात्मक माहौल को प्रोत्साहित करने के लिए हमारे प्रदर्शन के आंकड़ें यूं ही साझा किए जाते हैं. कोई भी कुछ भी सवाल पूछ सकता है, पुराने निर्देशों को चुनौती दे सकता है."

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गौरतलब है कि 2007 में फ्लिपकार्ट की स्थापना की गई थी. हाल ही में कंपनी की कुल पूंजी पूर्व के 1500 करोड़ डॉलर से कम होकर 1100 करोड़ डॉलर आंकी गई थी. इसे लेकर कंपनी पर काफी दवाब माना जा रहा है.

First published: 23 August 2016, 19:15 IST
 
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