Home » बिज़नेस » Former finance secretary Subhash Chandra Garg in Modi government said- India's telecom industry is sinking
 

मोदी सरकार में पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने लिखा- डूब रही है देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 February 2020, 14:11 IST

मोदी सरकार आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव रहे सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री बड़े संकट में है. उन्होंने कहा कि आज वोडाफोन आइडिया दिवालियापन के कगार पर है. अपने ब्लॉग पोस्ट में गर्ग ने लिखा कि जब दूरसंचार सेवा देश में लगभग सब जगह उपलब्ध है और भारत में कीमतें वैश्विक स्तर पर सबसे कम हैं, ऐसे में इन सेवाओं को देने वाले व्यवसाय ही बंद हो गए हैं.

पूर्व वित्त मंत्रालय के अधिकारी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत की दूरसंचार कंपनियां समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से संबंधित बकाया और जुर्माने का भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रही हैं. सुभाष चंद्र गर्ग राजस्थान कैडर के 1983 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने भारत के आर्थिक मामलों के सचिव और वित्त सचिव के रूप में कार्य किया.


उन्होंने विश्व बैंक में कार्यकारी निदेशक के रूप में भी काम किया है. DoT के अनुसार भारती एयरटेल लिमिटेड को सरकार को 35,586 करोड़ का भुगतान करना है और वोडाफोन आइडिया 50,000 करोड़ का भुगतान करना होगा.

वोडाफोन आइडिया ने अपने एजीआर बकाया के भुगतान के रूप में 2,500 करोड़ का भुगतान किया और कहा कि वह शुक्रवार तक 1,000 करोड़ और जमा करेगा. भारती एयरटेल ने सरकार को 10,000 करोड़ का भुगतान किया है और कहा है कि वह 22 सर्किलों में बकाया की जांच करने के बाद 17 मार्च से पहले शेष राशि जमा करेगी.

बढ़ते कर्ज की स्थिति के बीच वोडाफोन आइडिया के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंदर ताक्कर ने मंगलवार को दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश से मुलाकात की ताकि किसी भी त्वरित कार्रवाई से राहत मिल सके. गर्ग ने अपने ब्लॉग में कहा कि दूरसंचार ऑपरेटरों को मूल राशि का भुगतान करने के लिए एकमुश्त निपटान योजना की पेशकश की जानी चाहिए और एजीआर से संबंधित ब्याज और दंड पर छूट दी जानी चाहिए.

AGR: 17 मार्च तक Vodafone और Airtel को चुकाने पड़ेंगे 1.47 लाख करोड़ रुपये- SC

First published: 19 February 2020, 14:09 IST
 
अगली कहानी