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पूर्व PM मनमोहन सिंह का हमला- मोदी सरकार के चौतरफा कुप्रबंधन की वजह से आई मंदी

न्यूज एजेंसी | Updated on: 2 September 2019, 8:55 IST

वित्त मंत्रालय द्वारा जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट की सूचना के कुछ दिन बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की और देश में अर्थव्यवस्था की मंदी के लिए उसकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. मनमोहन सिंह ने कहा, "भारत में बहुत तेज दर से विकास करने की क्षमता है, लेकिन मोदी सरकार के चौतरफा कुप्रबंधन का परिणाम मंदी है." मनमोहन सिंह एक जाने-माने अर्थशास्त्री हैं.

मनमोहन सिंह ने मंदी को एक मानव निर्मित संकट बताया. एक विस्तृत बयान में उन्होंने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले और अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालत के लिए 'जल्दीबाजी में लागू किए गए जीएसटी' के फैसले को जिम्मेदार ठहराया. कांग्रेस ने मनमोहन सिंह के बयान को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा किया और कहा कि यह पार्टी का भी रुख है. पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री पी.चिदंबरम के सीबीआई हिरासत में होने की वजह से मनमोहन सिंह एकमात्र विश्वसनीय चेहरा हैं, जिसके जरिए कांग्रेस अर्थव्यवस्था पर बोल सकती है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि सिर्फ ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 3.5 लाख से अधिक नौकरियां चली गईं हैं और उन्होंने दावा किया कि इसी तरह से अनौपचारिक क्षेत्र में बड़े स्तर पर नौकरियां गई हैं. उन्होंने कहा, "घरेलू मांग घट गई है और खपत में वृद्धि 18 महीने के निचले स्तर पर है. जीडीपी वृद्धि दर 15 साल के निचले स्तर पर है. कर राजस्व में गैपिंग होल है. कराधान में कोई उछाल नहीं है, क्योंकि छोटे और बड़े व्यापारी भयभीत हैं और कर आतंक लगातार बना हुआ है. निवेशक भावनाएं मंद हैं. ये अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत नहीं हैं."

ग्रामीण संकट को उजागर करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "किसानों को समुचित कीमतें नहीं मिल रही हैं और ग्रामीण आय में गिरावट आई है. मोदी सरकार जिस कम महंगाई दर को दिखाती है, वह हमारे किसानों और उनकी आय की कीमत पर आती है." आरबीआई द्वारा सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का हवाला देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर संस्थानों की स्वायत्तता पर हमला करने का आरोप भी लगाया.

First published: 2 September 2019, 8:55 IST
 
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