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बीमार मां की इस कोशिश ने करवाया सिंह भाईयों में समझौता, शिविंदर ने केस लिया वापस

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 September 2018, 10:34 IST

फोर्टिस हेल्थकेयर के सह-संस्थापक शिविंदर सिंह ने गुरुवार को राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में अपने भाई मालविंदर सिंह के खिलाफ दायर मामला वापस लेने का फैसला किया है. परिवार के बुजुर्गों की मध्यस्थता के बाद दोनों भाई समझौते के लिए सहमत हुए हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल एक स्ट्रोक पीड़ित होने के बाद से उनकी मां निम्मी सिंह ने भाइयों के बीच समझौते के बाद अहम भूमिका निभाई है.

सूत्रों ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों से खाना बंद कर दिया था और लगातार दो भाइयों को फोन भेजकर ईमेल भेज रही थी. सूत्रों के अनुसार छोटे भाई ने कई बार कोशिश की थी कि बुजुर्गों ने हस्तक्षेप किया और व्यापार के मामलों पर मालविंदर पर कुछ दबाव डाला, जिस पर दोनों सहमत नहीं थे.

 

एक सूत्र ने कहा, जब शिविंदर ने अंततः अपने भाई के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया, उन्होंने मालविंदर पर पत्नी अदिति सिंह के हस्ताक्षर को करने और अवैध वित्तीय लेनदेन करने के आरोप लगाए थे. परिवार के कुछ सदस्यों का महसूस किया कि उन्होंने पहले ऐसा किया था, शायद फोर्टिस को बचाया जा सकता था.

रिपोर्ट के अनुसार शिविंदर के करीब किसी ने कहा "इस तरह के मामलों में, बातचीत करना सबसे अच्छा है. देनदारियों को जिम्मेदार लोगों के साथ तय किया जाना चाहिए और भविष्य में चीजों को ठीक करने की आवश्यकता है. कई मामलों को संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता होगी. अदालतों में चीजों को हल करने में कई साल लग सकते हैं."

इससे पहले शिविंदर सिंह ने दावा किया था कि वह सेवानिवृत्त हुए थे और दिसंबर 2015 में वह एक आध्यात्मिक संगठन राधा सोमी सत्संग बीस चले गए थे. उनका कहना है कि उन्होंने फोर्टिस हेल्थकेयर छोड़ दिया था इसलिए उनका किसी भी गलती में कोई हाथ नहीं है. उन्होंने रेलिगेयर की एनबीएफसी शाखा में किए गए निर्णयों पर सवाल उठाये हैं. अपने बयान में शिविंदर सिंह ने खुद उनके बड़े भाई से अलग करने की भी मांग की है.

हालांकि दोनों ने दो दशकों तक साथ काम किया. शिविंदर का कहना है कि उन्होंने समूह में मालविंदर की अध्यक्षता में सार्वजनिक रूप से सहायक छोटे भाई के साथ किया हैजो परिवार की ओर से लिया गया निर्णय था. शिविंदर सिंह ने कहा "हालांकि यह मुझे बहुत परेशान करता है और मैं मालविंदर के अच्छे की कामना करता हूं. अब मैं उन गतिविधियों के लिए पार्टी नहीं बन सकता, जिनमें पारदर्शिता और नैतिकता निरंतर और निरंतर निषेध की जाती है''.

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First published: 14 September 2018, 10:32 IST
 
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