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मोदी सरकार के 4 साल : लोन लेने से क्यों डर रहे हैं किसान ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2018, 13:13 IST

साल 2014 में सरकार में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करते रह हैं.  26 मई 2018 में मोदी सरकार को चार साल पूरे हो चुके हैं ऐसे में किसानों की आय तो दूर की बात है, किसानों को दिए जाने वाले कर्ज में भी जोरदार गिरावट आयी है.

भारतीय रिजर्व बैंक की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में कृषि क्षेत्र में क्रेडिट ग्रोथ बीते चार साल के सबसे निम्न स्तर पर आ चुकी है. वर्तमान में देश की कृषि ग्रोथ 3.8  फीसदी पर आ चुकी है.

 

आंकड़ों की माने तो साल 2014-15 में कृषि सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ 15 फीसदी से ऊपर थी. कृषि जानकारों की माने तो किसानों द्वारा कर्ज लेने में आयी इतनी बड़ी गिरावट के कई कारण हो सकते हैं और यह आने वाले समय में सरकार के लिए चिंता का विषय बन सकता है.

किसानों के कर्ज लेने में आयी गिरावट का का प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि बीते समय में बैंकों का एनपीए काफी बढ़ चुका है इसलिए बैंकों ने लोन देने सख्ती बरती है.

दूसरा कारण यह भी है कि बीते कई सालों से मौसम और अन्य कारणों से किसानों की फसल बर्बाद होने का प्रतिशत बढ़ा है. जिस कारण वह लोन नहीं चुका पा रहे हैं. इस दौरान किसानों की आत्महत्याओं में भी कोई कमी नहीं आयी है. तब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि जब किसान कमाई ही नहीं कर पा रहा है तो वह लोन चुकाएगा कैसे ?

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First published: 26 May 2018, 11:57 IST
 
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