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दिसंबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार ने झोंके 4,000 करोड़ रुपये, ये रही वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 December 2018, 16:29 IST

विदेशी निवेशकों ने रुपये को मजबूत करने और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को आसान बनाने के लिए इस महीने अब तक भारतीय पूंजी बाजारों में (40 बिलियन) 4,000 करोड़ रुपये डाले. यह नवंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा पूंजी बाजार (इक्विटी और ऋण) में 122.66 अरब रुपये का विवेश किया. यह 10 महीने का सबसे उच्च स्तर था.

डिपॉजिटरी के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने इक्विटी में 13.32 बिलियन रुपये और डेट मार्केट्स में 25.52 बिलियन रुपये का निवेश किया, जो 3-21 दिसंबर के दौरान कुल 38.84 बिलियन रुपये था. इसका प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट रही जो 15 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई थी, साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती भी इसकी वजह रही.

 

हालांकि 7 दिसंबर तक, एफपीआई इक्विटी मार्केट में शुद्ध विक्रेता थे, जिन्होंने 3.83 अरब रुपये के फंड को निकाला. हालांकि, समीक्षाधीन अवधि के दौरान उन्होंने ऋण बाजारों में 27.44 बिलियन रुपये रखे थे.

''एफपीआई ने एक ही दिन में 361 करोड़ रुपये की शुद्ध संपत्ति बेची, जब 6-चीनी कंपनियों के एक उच्च-कार्यकारी अधिकारी की गिरफ्तारी के कारण वैश्विक बाजारों गिरावट आयी. जिसके कारण बिकवाली शुरू हो गई. वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में भारी गिरावट आयी.

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First published: 23 December 2018, 16:29 IST
 
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