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अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में घटी जीडीपी ग्रोथ रेट

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2016, 8:37 IST
QUICK PILL
  • वित्त वर्ष 2015-16 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीडीपी की दर पिछली तिमाही के 7.4 फीसदी के मुकाबले कम होकर 7.3 फीसदी रह गई है.
  • सरकार ने 2015-16 के लिए जीडीपी लक्ष्य में संशोधन करते हुए इसे 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.6 फीसदी कर दिया है. 2015-16 में जीडीपी की दर 7.6 फीसदी रहने की उम्मीद है.

मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी की दर में गिरावट आई है. दूसरी तिमाही के 7.4 फीसदी के मुकाबले मौजूदा वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीडीपी की दर घटकर 7.3 फीसदी हो गई है.

हालांकि सालाना आधार पर जीडीपी की दर ठीक रही है. पिछले साल की समान तिमाही में जीडीपी की दर 6.6 फीसदी रही थी जो मौजूदा तिमाही में बढ़कर 7.3 फीसदी हो गई है. तीसरी तिमाही के लिए आंकड़ों की घोषणा करते हुए सरकार ने  2015-16 के लिए जीडीपी लक्ष्य संशोधित करते हुए उसे बढ़ा दिया गया है. सरकार ने जीडीपी लक्ष्य को 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.6 फीसदी कर दिया है.

तीसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ रेट 12.6 फीसदी रही है जबकि पिछली तिमाही में यह दर 9 फीसदी रही थी

तिमाही आधार पर मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ में मजबूती आई है. तीसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ रेट 12.6 फीसदी रही है जबकि पिछली तिमाही में यह दर 9 फीसदी रही थी. सत्ता में आने के बाद से नरेंद्र मोदी ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिशें करते रहे हैं.  

मौजूदा तिमाही में कंस्ट्रक्शन की ग्रोथ रेट पिछली तिमाही के मुकाबले 1.2 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी हो गई

तीसरी तिमाही में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ रेट सालाना आधार पर 9.1 फीसदी से घटकर 6.4 फीसदी हो गई है जबकि तिमाही आधार पर यह 5 फीसदी से बढ़कर 6.4 फीसदी हो गई. कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की ग्रोथ में मजबूती देखने को मिली है. मौजूदा तिमाही में कंस्ट्रक्शन की ग्रोथ रेट पिछली तिमाही के मुकाबले 1.2 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी हो गई. सालाना आधार पर इसमें गिरावट आई है. पिछले साल की समान तिमाही में कंस्ट्रक्शन की ग्रोथ रेट 4.9 फीसदी थी जो अब घटकर 4 फीसदी हो गई है. वहीं सर्विस सेक्टर की ग्रोथ रेट सालाना आधर पर 12.9 फीसदी से घटर 9.4 फीसदी हो गई.

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीवीए की ग्रोथ रेट उम्मीद के मुताबिक रही. जीवीए की दर में कमी आने की उम्मीद जाहिर की गई थी और यह पिछली तिमाही के 7.4 फीसदी से घटकर 7.1 फीसदी हो गया. सितंबर तिमाही में ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (जीवीए) की ग्रोथ 7.4 फीसदी रही थी. जबकि मार्च तिमाही में यह 6.1 फीसदी और जून तिमाही में 7.1 फीसदी रही थी. 

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट पिछली तिमाही के 2 फीसदी से घटकर -1.0 फीसदी हो गई

जीवीए में प्रॉडक्ट पर टैक्स जोड़ने के बाद सब्सिडी को घटाकर जीडीपी का आंकड़ा निकाला जाता है. दिसंबर तिमाही में जीवीए पर दबाव का अनुमान है क्योंकि अमेरिका और यूरोप में खराब आर्थिक स्थिति होने की वजह से ऑर्डर में कमी आई है. चीनी युआन के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है और रुपये की मजबूती से दिसंबर में एक्सपोर्ट में 14.75 फीसदी की कमी आई है. इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग की भी ग्रोथ धीमी रही है. 

कृषि क्षेत्र में तनाव बरकरार है. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट पिछली तिमाही के 2 फीसदी से घटकर -1.0 फीसदी हो गई. वहीं सालाना आधार पर इंडस्ट्री ग्रोथ 3.8 फीसदी से बढ़कर 9 फीसदी हो गई. जबकि सालाना आधार पर फॉर्मा सेक्टर की ग्रोथ रेट 0.3 फीसदी से बढ़कर 0.6 फीसदी हो गई. 

First published: 9 February 2016, 8:37 IST
 
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