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कौन हैं रघुराम राजन के बाद IMF में चीफ इकोनॉमिस्ट बनने वाली भारतीय गीता गोपीनाथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 October 2018, 9:56 IST

 सोमवार को भारतीय मूल की अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया है. रघुराम राजन के बाद इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त होने वाली वह दूसरी भारतीय है. राजन ने वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार और बाद में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर के रूप में वित्त मंत्रालय में शामिल होने से पहले 2003 से 2006 आईएमएफ में इस पद को संभाला था.

 

आईएमएफ़ ने इस संबंध में ट्विटर पर जानकारी दी है. गोपीनाथ मौरी ओब्सफ़ेल्ड की जगह लेंगी. गीता गोपीनाथ इस वक़्त हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टडीज़ ऑफ़ इकनॉमिक्स में प्रोफ़ेसर हैं. आईएमएफ के प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागर्ड ने एक बयान में कहा, "गीता विश्व के उत्कृष्ट अर्थशास्त्रीयों में से एक है. उन्होंने कहा कि मुझे इस तरह के एक प्रतिभाशाली व्यक्ति को हमारे मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में नामित करने में प्रसन्नता हो रही है.

भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीज्ञ प्रणब सेन ने कहा कि गोपीनाथ आईएमएफ में पिछले पिछले मुख्य अर्थशास्त्री के विपरीत केंद्रीय बैंकिंग को समझती है. गोपीनाथ ने पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनाराय विजयन के आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य किया था. गोपीनाथ अमेरिकन इकोनॉमिक रिव्यू के सह-संपादक हैं और नेशनल फाइनेंस एंड मैक्रोइकॉनॉमिक्स प्रोग्राम के सह-निदेशक राष्ट्रीय अनुसंधान ब्यूरो में हैं. वह पूर्व आईएमएफ आर्थिक सलाहकार केनेथ रोगोफ के साथ अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र की वर्तमान पुस्तिका की सह-संपादक हैं.

उन्होंने विनिमय दर, व्यापार और निवेश, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट, मौद्रिक नीति, ऋण और उभरते बाजार संकटों पर कुछ 40 शोध लेख लिखे हैं. गोपीनाथ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और वाशिंगटन विश्वविद्यालय दोनों से एमए कमाई के बाद 2001 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की. 2005 में हार्वर्ड जाने से पहले वह एक सहायक प्रोफेसर के रूप में 2001 में शिकागो विश्वविद्यालय में थी.

First published: 2 October 2018, 9:42 IST
 
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