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भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का आकर्षण पहुंचा सबसे निचले स्तर पर, ये रही वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2018, 10:04 IST

विदेशी निवेशकों के लिए भारत दुनिया का सबसे उभरता बाजार माना जाता है लेकिन क्या वर्तमान में निवेशक भारत में निवेश को लेकर उत्साहित हैं भी या नहीं. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में ग्लोबल फंडों को लेकर भारत की स्थिति बेहद कमजोर हो गई है.

रिपोर्ट के अनुसार साल 2013 के बाद वैश्विक फंडों का भारत को लेकर आकर्षण सबसे निचले स्तर पर चला गया है.

इस आकर्षण के कम होने का प्रमुख कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और रूपये में लगातार आ रही गिरावट है. आंकड़ों की माने तो दुनियाभर के उभरते बाजारों में किये जा रहे निवेश में से हर 100 डॉलर में से भारत का हिस्सा महज 9.5 डॉलर रह गया है, यह साल 2015 में 16 डॉलर से भी ऊपर था.

जानकारों की माने तो तीन साल पहले निवेशक में भारत में निवेश करने को लेकर ज्यादा उत्साहित थे लेकिन अब उनका आकर्षण कम होता जाए रहा है.

साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी लगातार दुनिया के कई देशों की यात्रा कर चुके हैं. उनकी इन यात्राओं का प्रमुख मकसद भारत में विदेशी निवेश को बढ़ाना था. हालांकि इसने विदेशी विवेशकों भारत में कुछ हद तक निवेश करने के लिए आकर्षित किया लेकिन टैक्स नियमों और अन्य कारणों से निवेशकों का आकर्षण भारत को लेकर कम होता गया.

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First published: 26 June 2018, 10:04 IST
 
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