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Vodafone-Idea को इन शर्तों के बाद मिली मर्जर की मंजूरी, देना होगा इतना चार्ज

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2018, 11:45 IST

दूरसंचार विभाग ने सोमवार को वोडाफोन इंडिया को आइडिया सेल्युलर के साथ के विलय करने की सशर्त मंजूरी दे दी है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार विभाग ने एक बार स्पेक्ट्रम शुल्क और स्पेक्ट्रम उदारीकरण शुल्क के लिए दोनों कंपनियों से 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की मांग की है. एक बार कंपनियां भुगतान करने के बाद विभाग आइडिया सेल्यूलर को वोडाफोन इंडिया के लाइसेंस का हस्तांतरण करने की अनुमति दे देगा.

विभाग ने कहा है कि आइडिया सेल्युलर से वोडाफोन के स्पेक्ट्रम के लिए 3,926 करोड़ रुपये का भुगतान करने और 3,342 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने के लिए कहा गया है.

 

मार्च में दोनों कंपनियों के बोर्डों ने आइडिया सेलुलर और वोडाफोन इंडिया के बीच प्रस्तावित विलय को मंजूरी दे दी थी. विलय के बाद 80,000 करोड़ रुपये राजस्व के साथ देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनाने की उम्मीद है. इसके बाद भारत के दूरसंचार बाजार में तीन निजी कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और रिलायंस जियो का मुकाबला रह जायेगा.

आइडिया और वोडाफोन का संयुक्त संचालन 35% बाजार हिस्सेदारी और लगभग 430 मिलियन के ग्राहक आधार के साथ 23 बिलियन (₹ 1.5 लाख करोड़ से अधिक) हो जायेगा. जबकि दोनों फर्मों का संयुक्त ऋण लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

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First published: 10 July 2018, 11:42 IST
 
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