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सरकार ने मसूर दाल पर इंपोर्ट ड्यूटी कर दी जीरो, जानिए क्यों उठाना पड़ा ये कदम

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 July 2021, 13:57 IST

 

घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र ने सोमवार को मसूर दाल पर आयात शुल्क घटाकर शून्य कर दिया और दाल पर कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर (Agriculture Infrastructure Development Cess) को भी आधा कर 10 प्रतिशत कर दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस संबंध में एक अधिसूचना राज्यसभा में पेश की.

मंत्री ने कहा कि अमेरिका के अलावा अन्य देशों में उत्पन्न या निर्यात की जाने वाली दाल (मसूर दाल) पर मूल सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है. साथ ही, अमेरिका में पैदा होने वाली या निर्यात की जाने वाली मसूर दाल पर मूल सीमा शुल्क 30 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा मसूर दाल (मसूर दाल) पर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस को वर्तमान दर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है.


उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा बनाए गए आंकड़ों के अनुसार इस साल 1 अप्रैल को मसूर दाल की खुदरा कीमत 30 फीसदी बढ़कर 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है.

इंडिया ग्रेन्स एंड पल्सेज एसोसिएशन (IGPA) के वाइस चेयरमैन बिमल कोठारी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, ''भारत को सालाना 2.5 करोड़ टन दाल की जरूरत है. लेकिन इस साल हम कमी की उम्मीद कर रहे हैं."

सरकार ने कृषि बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल, डीजल, सोना और कुछ आयातित कृषि उत्पादों सहित कुछ वस्तुओं पर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस बुनियादी ढांचा और विकास उपकर (एआईडीसी) पेश किया था.

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First published: 26 July 2021, 13:57 IST
 
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