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बजट 2018 : किसानों कि आय डबल करने के फ़ॉर्मूले पर काम करेगी मोदी सरकार ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 January 2018, 12:18 IST

आगामी 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली लोकसभा में आम बजट पेश करेंगे. यह उनके मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा. जानकारों कि माने तो इस बजट में सरकार 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर पेश करेगी. माना जा रहा है कि इस बजट में कृषि क्षेत्र पर सरकार का ख़ास जोर रह सकता है.

किसानों कि आय को डबल करने पर क्या होगा

भारत का कृषि क्षेत्र हमेशा संकट की कहानियो को छिपाने की ख़बरों के लिए सुर्ख़ियों में बना रहता है. एक रिपोर्ट कि माने तो हर साल किसान अपनी फसल का सही दाम पर न बेच पाने के कारण 63 हजार करोड़ का नुकसान सहता है. पिछले छः साल के लिए, बागवानी (फलों और सब्जियों) के उत्पादन में वृद्धि हुई है.

यह खबर प्रोत्साहित करती है कि अनाज की तुलना में किसान सब्जियों और फलों से अधिक कमाते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय में किसानों द्वारा सब्जियों को सड़कों पर फेंकने की खबरें आयी. उत्तर प्रदेश के किसानों ने मुख्यमंत्री के आवास के सामने आलू को फेंक दिए. इसके पीछे कारण था उन्हें मिल रही कम कीमतें.

2004 से 14 के उच्च विकास चरण के दौरान लेकिन यह कृषि जीडीपी का एक तिहाई से भी ज्यादा हिस्सा है. देश में फलों और सब्जियों का उत्पादन खाद्यान्न से आगे निकल गया है. कृषि मंत्रालय ने हाल ही में जारी एक बयान में कहा है कि वर्ष 2016-17 (पूर्वानुमान) के दौरान उत्पादन के साथ बागवानी फसलों का उत्पादन रिकॉर्ड 300.6 मिलियन टन (मीट्रिक टन) तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है.

1980,1990 और 2000 के दशक के पहले फसल क्षेत्र के विकास के लिए फसलों की विविधता में क्रमशः 26.3 प्रतिशत, 33.3 प्रतिशत और 31.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.फसल विविधीकरण ने दक्षिणी क्षेत्र (48.6 प्रतिशत) में 2000-01 से 2009-10 के दौरान फसल क्षेत्र के विकास में सबसे ज्यादा योगदान दिया है, उस क्रम में पूर्वी (42.1 प्रतिशत), पश्चिमी (37.9 प्रतिशत) और उत्तरी (26.2 प्रतिशत) क्षेत्र शामिल हैं.

First published: 17 January 2018, 12:18 IST
 
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