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जल्द मिलेंगे भारतीय वायुसेना को 200 कामोव 226टी हेलीकाप्टर, अक्टूबर में डील होगी फाइनल

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 June 2018, 14:30 IST

केंद्र सरकार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और और रूसी कंपनी के संयुक्त उपक्रम से तैयार होने वाले 200 Kamov Ka-226T की डील को इस साल अक्टूबर तक मंजूरी दे सकती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि इस मेगा प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने के लिए लगभग सभी प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुके है और सरकार अगले चार महीनों में इस पर मुहर लगाने की सोच यही है.

दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मास्को यात्रा के दौरान परियोजना के लिए भारत और रूस के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. अक्टूबर 2016 में भारत और रूस ने एचएएल और रूसी हेलीकॉप्टरों के बीच संयुक्त उद्यम (जेवी) स्थापित करने के लिए एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप दिया था जो हेलिकॉप्टरों का सह-उत्पादन करेगा.

 

गौरतलब है कि भारत अपने पुराने हो चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों को बदलने के लिए ये हेलिकॉप्टर खरीद रहा है. पिछले महीने रक्षा मंत्रालय ने परियोजना के लिए भारत-रूसी उद्यम को प्रस्ताव (आरएफपी) के लिए अनुरोध जारी किया था. एचएएल-आरएच संयुक्त उद्यम अगस्त के अंत तक आरएफपी को विस्तृत प्रतिक्रिया भेजेगा और अंतिम सौदा अक्टूबर में तय हो जायेगा.

रक्षा मंत्रालय ने पहले से ही इस संयुक्त उद्यम की स्थापना के लिए भुगतान को मंजूरी दे दी है. बेंगलुरु के पास तुमकुर में हेलिकॉप्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी. कामोव हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना और सेना करेगी.सेना चाहती है कि अगले तीन से चार वर्षों में मौजूदा हेलिकॉप्टरों बदल दिया जाए. 2015 के समझौते के अनुसार 60 कामोव -226 टी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की जाएगी जबकि 140 भारत में निर्मित किए जाएंगे.

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First published: 3 June 2018, 14:28 IST
 
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