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RBI की रिपोर्ट ने एनपीए को लेकर बैंकों से कहा आने वाला है और भी बुरा वक्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2018, 10:02 IST

आरबीआई ने मंगलवार को बैंकिंग क्षेत्र की एक निराशाजनक तस्वीर पेश करते हुए कहा कि मार्च 2018 में बैंकों का सकल एनपीए अनुपात 11.6 प्रतिशत से बढ़कर चालू वित्त वर्ष के अंत तक 12.2 प्रतिशत हो सकता है.
भारतीय वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में आरबीआई ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में तनाव जारी है क्योंकि सकल गैर-निष्पादित अग्रिम (जीएनपीए) अनुपात आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है.

आरबीआई ने तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई ढांचे (पीसीए) के तहत 11 राज्य-स्वामित्व वाले बैंकों का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने जीएनपीए अनुपात को मार्च 2018 में 21 प्रतिशत से घटाकर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 22.3 प्रतिशत कर सकते हैं.

 

पीसीए ढांचे के तहत 11 बैंक बैड लोन की वॉचलिस्ट में हैं. आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, देना बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनाइटेड बैंक ऑफ भारत, निगम बैंक और इलाहाबाद बैंक इसमें शामिल हैं.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सभी वाणिज्यिक बैंकों के मुनाफे में कमी आई है. हालांकि, इसमें कहा गया है कि सुस्त जमा वृद्धि के बावजूद 2017-18 के दौरान क्रेडिट वृद्धि हुई है.

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First published: 27 June 2018, 9:59 IST
 
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