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अब आपकी सैलरी से भी कटेगी GST, कंपनियां बना रही हैं ऐसा नया प्लान

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 April 2018, 16:46 IST

जल्द ही आपकी सैलरी पर जीएसटी का फर्क दिखाई देने वाला है. देशभर की कंपनियां जीएसटी की वजह से अपने कर्मचारियों के सैलरी पैकेज में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रही हैं. क्योंकि अब कर्मचारी की सैलरी का ब्रेकअप कंपनियों पर भारी पड़ेगा. शॉपिंग और रेस्टोरेंट बिल के बाद ये और बड़ा झटका होगा.

खबरों के मुताबिक कंपनियों को कर्मचारियों के कंपनसेशन पैकेज या ह्यूमन रिसॉर्स बेनिफिट्स में बदलाव करने पड़ सकते हैं, ताकि जीएसटी का असर कंपनी पर न पड़कर कर्मचारियों पर पड़े. हाउस रेंट, मोबाइल और टेलिफोन बिल, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल बिल, ट्रांस्पोर्टेशन जैसे सैलरी का ब्रेकअप यदि जीएसटी के दायरे में आ जाएगा, तो कंपनियों को आपकी सैलरी पैकेज को नए सिरे से निर्धारित करना होगा.

वहीं विशेषज्ञों ने कंपनियों को सलाह दी है कि वो अपने एचआर विभाग से इन मामलों पर गहनता से समीक्षा करने के लिए कहे. अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) के हालिया निर्णयों के बाद कंपनियां इस मामले को लेकर सजग हो गई हैं.

बता दें कि एएआर ने एक खास मामले में फैसला दिया है कि कंपनियों द्वारा कैंटीन चार्जेस के नाम पर कर्मचारी की सैलरी से कटौती जीएसटी के दायरे में होगी. इस फैसले के बाद जानकारों का मानना है कि कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दी जा रही कई सुविधाएं जिसके ऐवज में सैलरी में कटौती की जाती है को जीएसटी के दायरे में कर दिया जाएगा.

बता दें कि फिलहाल कंपनियां कर्मचारी को कॉस्ट टू कंपनी के आधार पर सैलरी पैकेज तैयार करती थी और कई सेवाओं के ऐवज में कटौती को सैलरी का हिस्सा बनाकर दिया जाता है, लेकिन अब यदि इसे जीएसटी के दायरे में लिया जाता है तो कंपनियां किसी कर्मचारी की कॉस्ट टू कंपनी को ही आधार रखते हुए उसके ब्रेकअप में बदलाव करेंगी. जिससे कंपनी की टैक्स देनदारी पर कोई प्रभाव न पड़े.

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First published: 16 April 2018, 16:46 IST
 
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