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GST के बाद भी जारी है टैक्स चोरी, सामने आया हजारों करोड़ का घपला

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2018, 10:02 IST

जीएसटी जांच शाखा ने दो महीने के भीतर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी पकड़ी है. इस दौरानजांच शाखा ने आंकड़ों के विश्लेषण में यह भी पाया कि कर जो कर भुगतान कर रहे हैं, उनमें अधिकतर योगदान इकाईयों के एक छोटे से वर्ग का ही है.

जांच शाखा ने आंकड़ों के अध्यनन के दौरान पाया कि जीएसटी के तहत कुल 1.11 करोड़ पंजीकृत कारोबारी इकाईयां हैं. लेकिन 80 प्रतिशत कर केवल एक प्रतिशत इकाईयों के माध्यम से प्राप्त हो रहा है.

इस पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य जॉन जोसेफ ने कहा कि छोटी कारोबारी इकाईयां तो जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में गलती कर ही रही हैं, बहुराष्ट्रीय व बड़ी कंपनियां भी चूक कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि अगर आप कर राजस्व भुगतान के तौर-तरीकों पर नजर डालें तो चिंताजनक तस्वीर सामने आती है. आगे उन्होंने कहा कि काफी कुछ अनुपालन की जरूरत है. एक-दो महीने के थोड़े से ही समय में हमने 2000 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी है, जो कि एक नमूना भर हो सकता है. सरकार के राजस्व को चुराया जा रहा है. इसे रोकने के लिए जीएसटी खुफिया साखा अपने प्रयास तेज करेगी.

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बता दें कि वैसे तो एक करोड़ से अधिक कारोबारी इकाईयों ने जीएसटी के तहत पंजीकरण करवाया है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जांच शाखा ने पाया कि एक लाख से भी कम लोग कर रहे हैं 80 प्रतिशत कर का भुगतान कर रहे हैं.

First published: 28 June 2018, 10:02 IST
 
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