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GST में कटौती से सरकार को हर साल होगा 15,000 करोड़ का राजस्व घाटा

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2018, 16:34 IST

50 से अधिक वस्तुओं टैक्स ख़त्म करने के बाद भारत को हर साल 15,000 करोड़ रुपये (2.2 अरब डॉलर) के राजस्व का नुक्सान होगा. शनिवार को केंद्रीय और राज्य वित्त मंत्रियों के एक पैनल ने वॉशिंग मशीनों और लिथियम आयन बैटरी से लेकर नक्काशीदार पत्थरों और सैनिटरी नैपकिन पर टैक्स कम कर दिया. अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल कह चुके हैं कि इससे राजस्व हानि न्यूनतम होगी.

भारत का जीएसटी सिर्फ एक साल पुराना है और पैनल ने कई बार दरों में संशोधन किया है. मध्यप्रदेश और राजस्थान में बीजेपी की सरकारें हैं और इस साल के अंत में यहां चुनाव होने हैं. मोदी को 2019 में आम चुनाव से पहले कल्याणकारी खर्च बढ़ाने के लिए संसाधनों की जरूरत है. अभी भी 15 ट्रिलियन रुपये के सरकार के वार्षिक कर लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

 

जीएसटी काउंसिल ने पिछले एक साल में 191 सामानों पर टैक्स कटौती करके 28 फीसदी स्लैब को हटा दिया. जिसमें हाई टैक्स ब्रैकेट में एसी, डिजिटल कैमरा, वीडियो रिकॉर्डर, डिशवॉशिंग मशीन और ऑटोमोबाइल समेत केवल 35 आइटम छोड़ दिए गए. 28 फीसदी की श्रेणी में एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के वक़्त लगभग 226 सामान थे. पिछले एक साल केंद्रीय वित्तमंत्री और राज्य मंत्रियों की अध्यक्षता में परिषद ने 191 वस्तुओं में दरों में कटौती की.

27 जुलाई से नई जीएसटी दरों को लागू करने के बाद 35 सामान, जो उच्चतम स्लैब में छोड़े जाएंगे, इसमें सीमेंट, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, टायर्स, ऑटोमोबाइल उपकरण, मोटर वाहन भी शामिल हैं. जिनमे नौकाओं, एयरक्राफ्ट, वाष्पित पेय, सट्टेबाजी और तंबाकू, सिगरेट और पैन मसाला जैसे डेमेटिट आइटम शामिल हैं.

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First published: 23 July 2018, 16:34 IST
 
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