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अडानी और एस्सार को राहत देने के लिए गुजरात सरकार ने फिर खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 October 2018, 10:47 IST

गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) को राज्य में बिजली उत्पादकों टाटा पावर, एस्सार पावर और अदानी पावर के साथ बिजली खरीद समझौते में संशोधन करने के निर्देश की मांग की है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात सरकार के इस कदम से संकट से जूझ रही इन कंपनियों की परियोजनाओं को राहत मिल सकती है. इस मामले में सरकार ने उच्च अधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपी है. इस रिपोर्ट में बिजली कंपनियों को राहत देने की अनुमति दी गई है.

सीईआरसी के निर्देश के तहत स्थापित समिति तीन आयातित कोयले आधारित बिजली परियोजनाओं पर सिफारिशों के साथ बनाई गई थी, इनकी कुल क्षमता 7,180 मेगावाट थी. 2006-08 के दौरान स्थापित तीन परियोजनाओं को आयातित कोयले की लागत में टैरिफ पर बढ़ोतरी करने की अनुमति नहीं थी. 280 अरब रुपये से ज्यादा की लागत वाली परियोजनाएं दिवालिया होने की कगार पर हैं.

एक वरिष्ठ राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले उठाया गया था, इसलिए वे सीईआरसी के पास आने के जरिये सर्वोच्च न्यायालय में वापस आए थे और बिजली खरीद समझौते पर संशोधन में दिशानिर्देश की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम उच्चतम न्यायालय और नियामकीय आयोग से यह जानना चाहते हैं कि क्या हम बिजली खरीद करार में संशोधन के लिए सही प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं.'

 

पिछले साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने फैसले ने अडानी और टाटा पावर को कोयले की बढ़ी लागत का भार उपभोक्ताओं पर डालने से इंकार कर दिया था. एचपीसी की रिपोर्ट की सिफारिश की गई है कि इन इकाइयों को बचाया जाना चाहिए और उपभोक्ताओं, उधारदाताओं और अन्य हितधारकों पर उच्च ईंधन लागत का भार सामान रूप से डालने की अनुमति दी जानी चाहिए.

परियोजना डेवलपरों ने 25 साल तक समान दर पर बिजली की आपूर्ति करने के आधार पर बोली लगाई थी. टाटा पावर ने 2.26 रुपये प्रति यूनिट, अदाणी पावर ने 2.35 रुपये प्रति यूनिट की कीमत पर बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. वर्तमान में पहले पीपीए के अनुसार, टाटा, अडानी और एस्सार के लिए इन दरों पर बिजली की आपूर्ति करना संभव नहीं है और राज्य सरकार स्पॉट मार्केट से महंगा बिजली खरीद रही है.

First published: 13 October 2018, 10:47 IST
 
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