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इस राज्य ने 90 फीसदी तक कम की गाड़ियों के चालान की राशि, इतना पड़ेगा जुर्माना

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 September 2019, 12:11 IST

भाजपा शासित गुजरात सरकार ने मंगलवार को यातायात उल्लंघन के लिए लगाए जा रहे दंड में भारी कटौती की घोषणा की है. केंद्र ने संशोधित मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के तहत कठोर जुर्माना राशि को उचित ठहराया है. गुजरात सरकार नई कुछ मामलों में  कटौती 10,000 रुपये से 1,000 रुपये तक रखी है. 31 जुलाई को संसद ने मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 पारित किया. लेकिन कुछ राज्यों विशेष रूप से गैर-भाजपा दलों द्वारा शासित ने इसके कड़े प्रावधानों का विरोध किया है और उन्हें अभी तक लागू नहीं किया है.

बिना हेलमेट होगा 500 जुर्माना 

संशोधित नियमों में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. गुजरात में यह अब जुर्माना 500 रुपये होगा. मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने यहां घोषणा की कि राज्य में वर्तमान में अपराध के लिए जुर्माना महज 100 रुपये है. रूपानी ने कहा कि जहां केंद्रीय कानून में हेलमेट नहीं पहनने वाले लोगों के लिए 1,000 रुपये के जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है, वहीं इस प्रावधान को गुजरात में लागू नहीं किया जाएगा. इसके अलावा कोई भी 'डिजीलॉकर' ऐप में स्टोर करने के बाद डिजीटल रूप में ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य दस्तावेज तैयार कर सकता है.

सीट-बेल्ट नहीं पहनने इतना जुर्माना 

सीट-बेल्ट नहीं लगाने पर कार चालकों पर केंद्रीय अधिनियम के तहत 1,000 रुपये की जगह 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि नए प्रावधान 16 सितंबर से गुजरात में लागू होंगे. कहा गया दोपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग के लिए गुजरात में जुर्माना 100 रुपये रहेगा, क्योंकि गरीब लोग ऑटो-रिक्शा किराए पर नहीं ले सकते हैं. ड्राइविंग करते समय फोन पर बात करना पहली बार के अपराधियों के लिए 500 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जो केंद्रीय अधिनियम के तहत जुर्माना के बराबर है.

खतरनाक ड्राइविंग के साथ-साथ गलत साइड पर वाहन चलाने पर पहली बार जुर्माना तीन-पहिया वाहनों के लिए 1,500 रुपये, लाइट मोटर वाहनों के लिए 3,000 रुपये और बड़े वाहनों के लिए 5,000 रुपये होगा. ये जुर्माना केंद्रीय अधिनियम के तहत उन लोगों की तुलना में कम है जो पहली बार के लिए 5,000 रुपये और दोहराने के लिए 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान करते हैं. जबकि संशोधित केंद्रीय कानून में चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है.

राज्य पुलिस दोपहिया सवारों से 2,000 रुपये और तीन या चार पहिया वाहनों के चालकों से 3,000 रुपये वसूल करेगी. वाहन का पंजीकरण नहीं करने के लिए केंद्र द्वारा प्रस्तावित नियम में 5,000 रुपये के भारी जुर्माना है लेकिन गुजरात सरकार दोपहिया वाहनों के लिए 1,000 रुपये, तीन-पहिया वाहनों के लिए 2,000 रुपये, चार-पहिया वाहनों के लिए 3,000 रुपये और बड़े वाहनों के लिए 5,000 रुपये की वसूली करेगी. वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होने पर तीन-पहिया वाहनों के मामले में 500 रुपये और चार-पहिया या बड़े वाहनों के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा. 

केंद्रीय अधिनियम के तहत एम्बुलेंस या किसी अन्य आपातकालीन वाहन को बाधित करने के लिए 10,000 रुपये के जुर्माना के बजाय, राज्य पुलिस केवल 1,000 रुपये का जुर्माना लगाएगी. प्रदूषण मानदंडों के उल्लंघन के लिए गुजरात में जुर्माना दो-पहिया वाहनों या हल्के मोटर वाहनों के लिए 1,000 रुपये और अन्य प्रकार के वाहनों के लिए 3,000 रुपये होगा. केंद्रीय एमवी अधिनियम के तहत इस अपराध के लिए जुर्माना 10,000 रुपये है.

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First published: 11 September 2019, 11:54 IST
 
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