Home » बिज़नेस » Harley Davidson import duty dispute between Trump and Modi
 

कैसे एक मोटरसाइकिल ने ट्रम्प के सामने PM मोदी को डाल दिया धर्मसंकट में ?

सुनील रावत | Updated on: 30 May 2018, 17:19 IST

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और अमेरिका में जहां व्यापारिक रिश्ते सुधरे हैं वहीं कई मामलों में भारत पर अमेरिका दबाव भी साफ़ दिखा. बीते दिनों भारत और अमेरिका के बीच कई ऐसे व्यापारिक समझौते भी हुए जिससे अमेरिका को भी फायदा हुआ. अमेरिका भारत को बड़ा बाजार मानता है और वहां की कंपनियां भारत में लगातार अपना कारोबार बढ़ाना चाहती हैं. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेज़ॉन और वालमार्ट का भारत में बड़ा निवेश इसका सबसे बड़ा उदाहरण है वहीं भारतीय एयरलाइन कंपनी स्पाइस जेट ने अमेरिका से जहाजों को खरीदने का एक बड़ा आर्डर दिया.    

इसी कड़ी में इस साल फ़रवरी में अमेरिका की जानी-मानी मोटरसाइकिल कंपनी हार्ली-डेविडसन पर भारत ने आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) 75 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी कर लिया था लेकिन लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इससे खुश नहीं हैं. एक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को लगता है कि वह आयात शुल्क घटाकर अमेरिका पर एहसान कर रहा है लेकिन इससे अमेरिका को कुछ भी हासिल नहीं हुआ.

हार्ले डेविडसन को लेकर भारत पर दबाव 

एक रिपोर्ट की माने तो अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से यह मुद्दा लगातार उठाये जाने के बाद नई दिल्ली पर हार्ले डेविडसन पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट अनुसार अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय चाहता है कि भारत हार्ले डेविडसन पर ज़ीरो इम्पोर्ट ड्यूटी लगाए.

यूएसटीआर और भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु के बीच होने वाली आगामी बैठक में यह एक प्रमुख मुद्दा रहेगा. सुरेश प्रभु दो सप्ताह बाद वाशिंगटन में यूएसटी रॉबर्ट लाइटथाइज़र से मिलेंगे. रिपोर्ट की माने तो प्रभु का मंत्रालय यह फैसला नहीं कर पा रहा है कि अमेरिका की इस मांग को कैसे माना जाये.

भारत का मानना है कि अमेरिका की इस मांग को मानना बेहद मुश्किल होगा. रिपोर्ट की माने तो इस पर एक भारतीय अधिकारी ने कहा सरकार विदेशी मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क अधिक लगाती है क्योंकि घरेलू उद्योग को सुरक्षा देने के लिए यह जरूरी है. साथ ही देश के भीतर विनिर्माण और रोजगार के लिए घरेलू इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देना जरूरी है.

यदि हार्ले-डेविडसन के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी ख़त्म की जाएगी तो इससे सभी देशों से आयातित मोटरसाइकिलों के लिए भी लागू करना पड़ेगा और यह हमारे घरेलू उद्योग को बड़ा झटका दे सकती है.

क्या है भारत की मुश्किल 

इस साल फ़रवरी में भारत ने पूरी तरह से आयातित मोटरसाइकिलों (800 सीसी से ऊपर) पर आयात शुल्क घटाकर 75 प्रतिशत से 50 प्रतिशत कर दिया था. यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लगातार प्रयास करने के बाद किया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब भारत ने हार्ली डेविडसन इम्पोर्ट ड्यूटी 50 प्रतिशत किया था तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी की खासी आलोचना की थी.

उन्होंने कहा ‘‘अब प्रधानमंत्री ने, जिन्हें मैं शानदार व्यक्ति मानता हूं, मुझे फोन कर कहा कि हम इसे कम कर 50 प्रतिशत कर रहे हैं. मैंने कहा, यह तो ठीक है लेकिन अबतक हमें कुछ नहीं मिला है. उन्होंने 50 प्रतिशत कर दिया और वे सोचते हैं उन्होंने अपना काम कर दिया, मानो वे हम पर एहसान कर रहे हैं. यह एहसान नहीं है.’’

First published: 30 May 2018, 17:10 IST
 
अगली कहानी