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राजस्व सचिव अधिया ने दिए संकेत, दो चरणों में होगा पेट्रोलियम को GST में लाने काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2018, 17:31 IST

वित्त सचिव हंसमुख अधिया ने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी काउंसिल जीएसटी के तहत पेट्रोलियम उत्पादों को लाने पर विचार करेगी और यह चरणों में हो सकता है. इस मुद्दे पर बोलते हुए अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष एस रमेश ने कहा कि हालांकि जीएसटी के तहत पेट्रोलियम उत्पादों को लाने की मांग है लेकिन जीएसटी परिषद को अभी अंतिम रूप देने के लिए काम करना होगा.

वर्तमान में डीजल, पेट्रोल, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और विमानन टरबाइन ईंधन को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. जबकि राज्यों को इन वस्तुओं पर वैट लगाने का अधिकार है. राजस्व सचिव अधिया ने कार्यक्रम में कहा, "हमारे पास मौजूद मांगों में से यह भी एक है और इसे हम देखेंगे लेकिन यह अलग-अलग चरणों में होगा."

हवाई सफर पर पड़ रहा असर 

नागर विमानन मंत्रालय ने बार-बार विमानन टरबाइन ईंधन पर टैक्स की उच्च दर पर अपनी चिंता व्यक्त की है, जो एयरलाइन की परिचालन लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका हवाई किराए पर भी असर पड़ता है. इससे पहले नागर विमानन मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को भी यह कहा था कि जेट ईंधन को जीएसटी के तहत लाया जाये. वित्त मंत्रालय ने जल्द ही जीएसटी के दायरे में प्राकृतिक गैस और एटीएफ को शामिल करने का इरादा व्यक्त किया है.

अधिया ने कहा कि "हमने बहुत कुछ किया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा प्रणाली के सुधार के लिए कोई गुंजाइश नहीं है. हम अभी भी मानते हैं कि हमें बहुत कुछ करने की जरूरत है और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं." जीएसटी में वर्तमान में चार स्लैब हैं - 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत है. नवंबर में जीएसटी परिषद ने 178 वस्तुओं पर टैक्स रेट घटाकर 18 फीसदी कर दिया था.

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First published: 6 July 2018, 17:26 IST
 
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