Home » बिज़नेस » HDFC Bank has no love and respect for India
 

एनसीडीआरसी: HDFC बैंक नहीं करता देश से मुहब्बत

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 March 2016, 18:24 IST

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) ने एक उपभोक्ता के द्वारा दायर एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि एचडीएफसी बैंक के मन में भारत के प्रति न तो कोई प्यार है, और न ही सम्मान.

उपभोक्ता आयोग ने अपनी सुनवाई में यह भी कहा कि एचडीएफसी बैंक ने विदेश में फंसे एक दंपति के डेबिट कार्ड को चालू नहीं कर देश की साख को खतरे में डाला है.

एनसीडीआरसी ने बैंक पर प्रतिकूल टिप्पणी करते हुए उसे संबंधित दंपति को 5 लाख रुपये का जुर्माना देने का निर्देश दिया. एचडीएफसी बैंक ने संबंधित दंपति के इंटरनेशनल डेबिड कार्ड को शुरू नहीं किया था, जिसकी वजह से वह साल 2008 में 10 दिनों के लिए थाइलैंड और सिंगापुर में फंस कर रह गये थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उपभोक्ता कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बैंक की इस तरह की उदासीनता दर्शाती है कि उसे देश के प्रति कोई प्यार और सम्मान नहीं है. यह मामला देश की साख खतरे में रखने जैसा है. इस बात को जानते हुए कि उपभोक्ता दूसरे देश में फंसा है, प्रबंधक का यह कर्तव्य था कि वह तत्काल कदम उठाते मगर उन्होंने 10 दिनों तक कोई कदम नहीं उठाकर भारी चूक की है.

इससे साफ पता चलता है कि बैंक ने अपनी तरफ से लापरवाही बरती है. जस्टिस जे.एम. मलिक ने अपने आदेश में कहा कि विदेशी हमेशा प्रक्रियागत देरी की शिकायत करते हैं, वे इस देश के साथ व्यापारिक संबंधों को नहीं चाहते हैं. बैंक का ढीला रुख आश्चर्यजनक है. इस मामले में ऐसा जान पड़ता है कि बैंक प्रबंधक ने समस्या को खत्म कुछ किया ही नहीं.

जस्टिस जे.एम. मलिक ने अपने आदेश में कहा कि बैंक के पास बैंक मैनेजर राजेंद्र पथेजा के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है और उक्त मुआवजे से कम-से-कम 50,000 रुपये उनके वेतन से काट सकता है.

दंपति की शिकायत के मुताबिक राज मोहिनी ने एचडीएफसी बैंक में संयुक्त खाता खोलकर 1.5 लाख रुपये जमा किए और इसके बाद बैंक ने  इंटरनेशनल डेबिट कार्ड दिया था. बैंक ने दंपती से कहा कि उन्हें दूसरे देशों में इसके प्रयोग में कोई दिक्कत नहीं आएगी.

बैक के इस आश्वासन के बाद दंपती ने जब बैंकाक में दिये गये कार्ड को इस्तेमाल किया तो उन्हें पता चला कि डेबिड कार्ड काम नहीं कर रहा है. उसके बाद उन्होंने बैंक मैनेजर राजेंद्र पथेजा से बात की तो उन्हें बताया गया कि राज मोहिनी की जन्मतिथि में कुछ कंफ्यूजन है, जिसे दुरुस्त किए जाने के बाद ही कार्ड काम करेगा.

इसके बाद में इस दंपति को सिंगापुर में भी कार्ड को लेकर यही समस्या सामने आई क्योंकि कार्ड काम नहीं कर रहा था. इस मामले में एचडीएफसी बैंक और संबंधित ब्रांच ने दंपति के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया था कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेज पूरे नहीं थे.

First published: 13 March 2016, 18:28 IST
 
अगली कहानी