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होली 2020: चीन से आने वाली पिचकारी में कोरोना वायरस का डर कितना सही ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 March 2020, 15:04 IST

चीन में फैले कोरोना वायरस (coronavirus) ने चीन और भारत के आयात को बुरी तरह प्रभावित किया है. इससे सबसे ज्यादा भारत की स्मार्टफोन इंडस्ट्री हुई है. माना जा रहा है कि आने वाली होली 2020 पर इसका साफ असर दिखाई देगा. व्हाट्सएप पर अफवाहों का बाजार गर्म है कि चीन से आने वाले खिलौनों जैसे पिचकारी और कलर के साथ कोरोना वायरस का संक्रमण आ सकता है. भारत का सबसे बड़ा त्योहार होली कुछ ही हफ्तों में आने वाला है और इसमें लाखों की पिचकारियों और रंगों का इस्तेमाल होता है.

चीन में फैला कोरोना वायरस अब तक 3000 लोगों की जान ले चुका है. व्हाट्सऐप पर फैली अफवाहों को लेकर जानकारों ने ध्यान न देने को कहा है. उनका कहना है कि कोई भी वायरस पिचकारी के अंदर लंबे समय तक नहीं रह सकता है. साथ ही कोई भी वायरस पानी के स्प्रे या कलर पाउडर से नहीं फैल सकता है. भले ही वह पिचकारी चीन से आयात की गई है.

अधिकतर खिलौने चीन से इम्पोर्ट 

जानकारों का कहना है कि होली के मौसम के सभी स्टॉक पहले से ही भारतीय गोदामों में हैं.  इस साल जनवरी के पहले सप्ताह से चीन के कारखाने बंद थे. ग्लोबल मार्केट रिसर्च फर्म IMARC का अनुमान है कि भारत के खिलौने का बाजार 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का है. खिलौनों के व्यापार और उद्योग की संख्या को कम करने का कोई तरीका नहीं है क्योंकि भारत में उद्योग काफी हद तक संगठित नहीं है. भारत ने 2018-19 में 2,127 करोड़ रुपये के खिलौने आयात किए हैं. जिसमे लगभग 90 फीसदी, 1,828 करोड़ रुपये चीन से था. उसी दौरान हांगकांग से 93 करोड़ रुपये के खिलौने आए.

बढ़ सकती है कीमत 

दिल्ली स्थित खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि चीन में कोरोनावायरस के प्रकोप के बाद लगभग हर खिलौने की कीमत 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है. आंकड़ों की माने तो अकेले मुंबई में 20-25 चीनी खिलौने आयातक हर साल 18 और 24 इंच की छोटी पानी की टंकियों के साथ लगभग 5 लाख पानी की प्रेशर गन खरीदते हैं. प्रत्येक की कीमत लगभग 300-500 रुपये होती है.

भारत का खिलौना उद्योग, लगभग 4000 करोड़ रुपये का है. चीनी खिलौनों के निर्यात में भारत का हिस्सा केवल 5 प्रतिशत है और भारतीय निर्माता बैटरी से चलने वाले इनोवेटिव खिलौने नहीं बनाते हैं, जो बच्चों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय खिलौने हैं. वर्तमान में भारत सालाना उद्योग में 85 प्रतिशत खिलौनों का आयात करता है, जिसमें से 75 प्रतिशत चीन से हैं.

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First published: 3 March 2020, 15:04 IST
 
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