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जल्द शुरू हो रहा है भारत में 5G ट्रायल, मोदी सरकार चुन सकती है चीन की इस कंपनी को

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2018, 11:40 IST

चीन की दूरसंचार उपकरण निर्माता हुवेई इस साल के दिसंबर के अंत तक भारत में 5 जी पर फील्ड ट्रायल शुरू करने की योजना बना रही है. हालांकि भारत सरकार को इसके लिए कंपनी को टेस्ट स्पेक्ट्रम आवंटित करने की जरूरत होगी.

हुवेई इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जे चेन के अनुसार कंपनी 5जी परीक्षण करने के लिए भारत को पहला बनाना चाहती है और टेस्ट स्पेक्ट्रम आवंटन के संबंध में दूरसंचार विभाग (डीओटी) से बात कर रही है. चेन ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा "हमने डीओटी को विस्तृत प्रस्ताव दिया है. परीक्षणों के लिए 3,400-3,600 मेगाहट्र्ज बैंड में 100 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम के लिए कहा है''.

वर्तमान में दुनिया भर में 5 जी पर 150 फील्ड परीक्षण चल रहे हैं लेकिन इसमें भारत शामिल नहीं है. यदि हुवेई दिसंबर के अंत तक परीक्षण शुरू करती है तो वह भारत में ऐसा करने वाली पहली कंपनी हो सकती है. हूवेई पहले ही 5जी प्रौद्योगिकी पर एक लैब परीक्षण के लिए भारती एयरटेल के साथ काम कर रही है.

चेन ने कहा "हम दिसंबर के अंत से फील्ड परीक्षणों का संचालन करना चाहते हैं. यह किसी मेट्रो शहर से शुरू हो सकती है''. इसके लिए केंद्र एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगा जो 5 जी परीक्षणों की देखरेख करेगा. हुवाई को पहले ही डीओटी से देश में 5 जी परीक्षणों का हिस्सा बनने का निमंत्रण मिला है. चेन ने कहा, "हमें 27 सितंबर को डीओटी से आधिकारिक निमंत्रण मिला है"

डीओटी ने 5जी ट्रायल के लिए पहले ही एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग और सिस्को से भी संपर्क किया है. 2020 में भारत में 5जी का वाणिज्यिक रोल-आउट होने की उम्मीद है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 5जी स्पेक्ट्रम के लिए आरक्षित मूल्य पहले से ही दिया है लेकिन दूरसंचार ऑपरेटरों का मानना है कि कीमत उद्योग के लिए बहुत अधिक है. जबकि कंपनियों पर वित्तीय तनाव भी है.

सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने हाल ही में कहा है कि 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज (मेगाहट्र्ज) फ्रीक्वेंसी में 5जी सेवाओं के लिए प्रस्तावित स्पेक्ट्रम बैंड के लिए आरक्षित मूल्य 20 मेगाहट्र्ज के एक भारतीय-भारतीय ब्लॉक के लिए 4.9 2 अरब रुपये प्रति मेगाहट्र्ज पर तय किया गया है. वैश्विक मानकों के अनुसार 5 जी स्पेक्ट्रम के लिए प्रति मेगाहर्ट्ज की कीमत अन्य देशों की तुलना में उच्च तरफ है.

इसके अलावा यदि कोई ऑपरेटर पूर्ण पैमाने पर 5जी सेवाओं की पेशकश करना चाहता है, तो उसे 3,300-3,600 मेगाहट्र्ज बैंड में लगभग 100 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम प्राप्त करने की आवश्यकता होगी.

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First published: 6 October 2018, 11:41 IST
 
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