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बेनामी संपत्ति पर खुलासे को लेकर मोदी सरकार की ये ईनामी स्कीम बनी इनकम टैक्स का सिरदर्द

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 June 2018, 12:17 IST

बेनामी संपत्ति की जानकारी देने पर सरकार की ईनामी योजना आयकर विभाग के लिए मुसीबत बन गई है. दरअसल इस योजना के तहत सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि अपने अास-पास की बेनामी संपत्तियों की जानकारी देने वालों को सरकार एक करोड़ से लेकर पांच करोड़ तक का ईनाम देगी. जिसके बाद आयकर विभाग के पास सूचनाओं की बाढ़ आ गई है.

हालांकि ये अच्छी बात है लेकिन आयकर विभाग इससे परेशान है. क्यों कि इन सूचनाओं की जांच के लिए उनके पास पर्याप्त अधिकारी नहीं है. इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में आयकर विभाग में कुल कर्मचारियों की संख्या  45,000 है जबकि करीब 30,000 पद लगभग 2 साल से खाली है. इनमें से अधिकतर एक्जीक्यूटीव असिस्टेंट और टैक्स असिस्टेंट की पोस्ट खाली है.

गौरतलब है कि इसी महीने सरकार ने 1988 के बेनामी एक्ट में संशोधन किया है. जिसके बाद बेनामी संपत्ति और इनकम टैक्स चोरी पर नकेल कसने के लिए वित्त मंत्रालय ने एक नई योजना शुरु की. बेनामी ट्रांजैक्शंस इन्फर्मेंट्स रिवॉर्ड स्कीम, 2018 नाम के इस योजना के तहत सरकार ने बेनामी संपत्तियों की जानकारी देने वाले लोगों को 1 करोड़ से लेकर 5 करोड़ रुपये का तक का इनाम देने की घोषणा की है.

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वहीं इस इनाम को पाने के लिए लोगों को प्रहिबिशन यूनिट्स में जॉइंट या अडिशनल कमिश्नर को किसी बेनामी संपत्ति की जानकारी देनी होगी. वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक ऐसी संपत्ति की जानकारी इनकम टैक्स विभाग के इन्वेस्टिगेशन डायरेक्टर को देनी होगी.

First published: 22 June 2018, 12:17 IST
 
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