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अब न्यूज़ पोर्टल्स, नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम जैसी सेवाओं पर होगा IB मिनिस्ट्री का नियंत्रण

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 November 2020, 15:51 IST

अब सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट पर निगरानी करने का मन बना लिया है. केंद्र ने मंगलवार को न्यूज़ पोर्टल्स (online news platforms) और कंटेंट प्रोवाइडर्स (content providers) को  सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत को लाने के लिए एक सरकारी आदेश जारी किया है. इसमें बदलाव करने के लिए (Allocation of Business) नियम 1961 में संशोधन किया गया है.

इस नए आदेश के साथ ही नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और अमेज़न प्राइम वीडियो जैसे ओवर-द-टॉप या ओटीटी प्लेटफॉर्म आईबी मंत्रालय के दायरे में आ जाएंगे. भारत में फिल्म और टीवी प्रमाणन निकाय (film and TV certification bodies) पब्लिक कंटेंट को मॉडरेट करता है लेकिन यह ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स सामग्री को सेंसरशिप नहीं कर सकता है. वर्तमान में देश में डिजिटल सामग्री को नियंत्रित करने वाली कोई कानून या स्वायत्त समिति नहीं है.


राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद इस आदेश में हुए बदलाव तुरंत लागू हो जाएंगे. पिछले महीने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि सरकार सेंसरशिप में नहीं, बल्कि स्व-नियमन (self-regulation) में विश्वास करती है. वह समाचार चैनल और प्रोग्रामिंग के अन्य क्षेत्रों द्वारा टेलीविजन रेटिंग्स की कथित धांधली के बारे में बोल रहे थे.

सरकार ने न्यूज पोर्टल और ऑनलाइन मीडिया को रेगुलेट करने के लिए सरकार ने 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था. इस समिति में सूचना व प्रसारण, कानून, गृह, आईटी मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी और प्रमोशन के सचिवों को शामिल किया गया था. इसमें प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन और इंडियन ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया था.

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First published: 11 November 2020, 15:30 IST
 
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