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कोल इंडिया के बाद दूसरे बड़े आईपीओ के साथ आईसीआईसीआई प्रू ने दी बाजार में दखल

अभिषेक पराशर | Updated on: 11 February 2017, 5:48 IST
QUICK PILL
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का 6,000 करोड़ रुपये का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निगम) सोमवार को खुल गया. शेयर बाजार में यह किसी बीमा कंपनी का पहला आईपीओ है.
  • 2010 में आए कोल इंडिया के आईपीओ के बाद आईसीआईसीआई प्रू दूसरा बड़ा आईपीओ है.
  • 6,000 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 19 सितंबर को खुलकर 21 सितंबर को बंद होगा. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 300 से 334 रुपये के बीच रखा है. शुक्रवार को कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर मुख्य निवेशकों को करीब 5 करोड़ शेयर आवंटित कर 1,635 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं.

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का 6,000 करोड़ रुपये का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निगम) सोमवार को खुल गया. भारत के शेयर बाजर में अभी तक कोई बीमा कंपनी लिस्टेड नहीं है. 

मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज एकमात्र लिस्टेड कंपनी है जो मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की प्रोमोटर कंपनी है. मैक्स लाइफ इंश्योरेंस केवल जीवन बीमा के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है.

6,000 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 19 सितंबर को खुलकर 21 सितंबर को बंद होगा. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 300 से 334 रुपये के बीच रखा है. 

शुक्रवार को कंपनी नेे अपर प्राइस बैंड पर मुख्य निवेशकों को करीब 5 करोड़ शेयर आवंटित कर 1,635 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं. कंपनी को शेयरों की बिक्री से करीब 4,419 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है.

2010 में आए कोल इंडिया के आईपीओ के बाद आईसीआईसीआई प्रू दूसरा बड़ा आईपीओ है. 

2001 में बनी यह कंपनी आईसीआईसीआई बैंक और प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग्स का ज्वाइंट वेंचर है. कंपनी स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और पेंशन प्रॉडक्ट्स और अन्य सेवाओं की बिक्री करती है.

आईसीआईसीआई बैंक और ब्रिटेन की कंपनी प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग्स आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ कंपनी के सबसे बड़े प्रोमोटर्स हैं. 

आईसीआईसीआई बैंक  की इसमें करीब 68 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि प्रूडेंशियल की हिस्सेदारी 26 फीसदी है. अन्य बड़े शेयरधारकों में प्रेमजी इनवेस्ट और टेमासेक हैं. 

कंपनी ने 2015 के अंत में अजीम प्रेमजी को 4 फीसदी जबकि टेमासेक होल्डिंग्स को अपनी 2 फीसदी हिस्सेदारी करीब 1,950 करोड़ रुपये में बेची थी.

31 मार्च 2016 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कर बाद मुनाफा 1,653.04 करोड़ रुपये रहा था जो पिछले साल के मुकाबले 0.78 फीसदी अधिक है. 

जबरदस्त लिस्टिंग की संभावना

कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल और भारतीय बाजार में बीमा क्षेत्र की असीमिति संभावनाओं को देखते हुए अधिकांश ब्रोकरेज हाउस ने इस आईपीओ को खरीदने का सुझाव दिया है.

बीमा क्षेत्र में अभी भी निजी कंपनियों को भारतीय जीवन बीमा निगम से कड़ी टक्कर मिलती है. बल्कि यूं कहें कि एलआईसी की मजबूत दखल और व्यापक पहुंच को अभी तक निजी बीमा कंपनियां तोड़ने में अक्षम रही हैं. इस लिहाज से पहली बीमा कंपनी का बाजार में लिस्ट होना आईसीआईसीआई प्रू के लिए बड़े फायदे का सौदा होगा.

बीमा क्षेत्र में एलआईसी के दबदबे का अंदाजा उसके एयूएम (परिसंपत्तियों का प्रबंधन) को देखकर लगाया जा सकता है. 31 मार्च 2016 तक के आंकड़ों के मुताबिक एलआईसी के पास 21,13,007.09 करोड़ रुपये का एयूएम था जो कि सभी निजी बीमा कंपनियों के एयूएम के मुकाबले पांच गुणा से भी अधिक है.

भारत के शेयर बाजर में लिस्ट होने वाली पहली बीमा कंपनी होगी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड.

आईसीआईसीआई प्रू का एयूएम जहां 1,03,071.29 करोड़ रुपये हैं वहीं एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का एयूएम 77,842.68 करोड़ रुपये है. एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस 74,247 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति का प्रबंधन करती है जबकि बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस के पास 44,021.24 करोड़ रुपये का एयूएम है.

मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के पास 35,824 करोड़ रुपये का एयूएम है जबकि बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के पास 30,811.34 करोड़ रुपये का एयूएम है. इन सभी निजी कंपनियों का कुल एयूएम 4,92,426.65 करोड़ रुपये है और इनके मुकाबले एलआईसी का एयूएम करीब पांच गुणे से अधिक है.

इसके अलावा बीमा सेक्टर की पहुंच के मामले में भारत का बाजार असीमित संभावनाओं से भरा है. 201-15 में भारत बीमा क्षेत्र की पहुंच के मामले में ताइवान, हॉन्ग कॉन्ग, दक्षिण अफ्रीका, जापान, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया से भी पीछे हैं.

आईपीओ के लिए जबरदस्त 2016

2016 के पहले सात महीनों में प्राइमरी मार्केट में बुल रन थमता नजर नहीं आ रहा है. पहले सात महीनों में 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ के साथ प्राइमरी मार्केट में दस्तक दी.

इनमें से 8 आईपीओ 50 फीसदी तक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. सबसे कम प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा काउंटर भी कम से कम 20 फीसदी की बढ़त बनाए हुए है.

आईपीओ की मदद से 11 कंपनियों के जरिये अब तक जुटाई गई रकम पिछले 6 सालों में सबसे अधिक है. जनवरी से जून के बीच 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ की मदद से 7,775 करोड़ रुपये जुटाए. 2010 के पहले छह महीनों में 29 कंपनियां आईपीओ के जरिये महज 9,693 करोड़ रुपये ही जुटा पाई थीं.

2010 में आए कोल इंडिया के आईपीओ के बाद आईसीआईसीआई प्रू दूसरा बड़ा आईपीओ है.

2016 में आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसका सीधा असर कंपनियों के बैलेंस शीट पर देखने को मिला. कंपनियों की आय अभी भी एक चुनौती बनी हुई है. 

हालांकि इन सभी प्रतिकूल हालातों के बीच बेंचमार्क सेंसेक्स और नफ्टिी ने अभी तक क्रमश: 4 फीसदी और 4.9 फीसदी का रिटर्न दिया है. इससे पहले थाइरोकेयर टेक्नोलॉजीज, टीमलीज और उज्जीवन फाइनेंशियल का आईपीओ क्रमश: 73,66 और 41 गुणा अधिक सब्सक्राइव हो चुका है.

निवेशक फिलहाल बुलियन मार्केट की बजाए इक्विटी मार्केट को तरजीह देते नजर आ रहे हैं. पिछले साल करीब 20 से अधिक  कंपनियों ने आईपीओ की मदद से 16,000 करोड़ रुपये जुटाए थे. साल 2015 पिछले पांच वर्षों में प्राइमरी मार्केट के लिए बेहतरीन साल रहा है.

साल 2016: दलाल स्ट्रीट पर आईपीओ का दबदबा

57 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुई क्वेस कॉर्प 

थायरोकेयर ने पहले ही दिन दिया 50 फीसदी का रिटर्न

First published: 19 September 2016, 2:59 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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