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क्यों Idea-Vodafone में काम कर रहे 5000 लोगों की नौकरी जा सकती है ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 April 2018, 12:25 IST

टेलीकॉम सेक्टर के रोजगार पर मंडरा रहे संकट के बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर मर्जर से अगले कुछ महीनों में यहां काम कर रहे 21,000 कर्मचारियों में से एक चौथाई की नौकरियां जाने का अनुमान है. कंपनियां लगातार लागतों में बचत करने की कोशिश कर रही हैं.

आंकड़ों की बात करें तो वोडाफोन और आइडिया संयुक्त रूप से 1,20,000 करोड़ रुपये के से जूझ रही हैं. अगले कुछ महीनों में कम से कम 5,000 कर्मचारियों को नोडल टीम पर नौकरी से हटाया जा सकता है. छंटनी का एक प्रमुख कारण यह भी है कि दोनों कंपनियों में एक एक ही प्रोफाइल पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है.

 

वर्तमान में आइडिया में 11,000 और वोडाफोन में 10,000 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं. सीआईईएल एचआर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सालों में टेलीकॉम सेक्टर में लगभग 40,000 लोगों की नौकरियों चली गई. माना जा रहा है कि यह आंकड़ा अगले छह-नौ महीने तक जारी रह सकता है. यही नहीं इस आंकड़े का 80,000-90,000 तक पहुंचने की उम्मीद है.

सेक्टर की कमाई पर भी असर

डच बैंक का कहना है कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में टेलिकॉम सेक्टर का राजस्व 9 फीसदी घटकर 21.6 अरब डॉलर रह जायेगा क्योंकि रिलायंस जियो के ऑफर को टक्कर देने के लिए अन्य कंपनियां भी लगातार अपने टेरिफ रेट में बदलाव कर रही हैं.

डच बैंक का कहना है कि आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन के मर्जर के बाद अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 में इसकी राजस्व हिस्सेदारी 37 फीसदी होगी. जबकि भारती एयरटेल रिलायंस जियो की हिस्सेदारी 36 फीसदी और 25 रहेगी.

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First published: 16 April 2018, 12:17 IST
 
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