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किंग ऑफ बैड टाइम: सरकार अगर सख्त हुई तो माल्या जेल में अकेले नहीं होंगे

रामकृष्ण उपध्या | Updated on: 10 March 2016, 8:47 IST
QUICK PILL
  • विजय माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 बैंकों का करीब 7500 करोड़ रुपया उधार है. बैंक चाहते हैं कि माल्या के विदेश यात्रा पर रोक लगायी जाए और उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया जाए.
  • कोर्ट ने माल्या को ब्रितानी कंपनी से मिले 515 करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवायी 28 मार्च को है.

उद्योगपति विजय माल्या अपने कारोबारी हैसियत के ज्यादा अपनी रंगीन लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं.

अक्टूबर 2012 में उनकी किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज में डूबकर दम तोड़ गयी. माल्या तब से कानून के संग आंख मिचौली खेल रहे हैं. लेकिन अब वो शायद ज्यादा दिन तक ऐसा नहीं कर पाएंगे.

सोमवार को डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने एसबीआई की एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए ब्रितानी कंपनी से माल्या की कंपनी को मिलने वाली 515 करोड़ रुपये की राशि पर रोक लगा दी है.

ब्रितानी कंपनी डिएजियो ने माल्या ने अपनी शराब कंपनी कि अपनी हिस्सेदारी ब्रितानी कंपनी को बेच दिया. ट्रिब्यूनल ने कहा है कि माल्या ने ये पैसा नहीं निकाल सकते. डियोजियो चाहे भी तो ये पैसा वो माल्या को नहीं दे सकती. इस मामले पर अगली सुनवायी 28 मार्च को है.

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सोमवार को ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माल्या एवं अन्य पर आर्थिक हेराफेरी का मामला दर्ज किया. सभी अभियुक्तों पर आईडीबीआई बैंक का 900 करोड़ रुपये लोन न देने के आरोप है. ईडी जांच कर रहा है इस पैसे को कहीं विदेशी बैंकों में काले धन के रूप में तो नहीं जमा किया गया.

विजय माल्या पर विभिन्न बैंकों का करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपया बकाया है

बैंकरों के एक सम्मेलन में बोलते हुए सीबीआई के निदेशक अनिल सिन्हा ने भी माल्या की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा,"भारत में अमीर और ताकतवर लोग धोखाधड़ी और जालसाजी करके बच जाते हैं. जबकि आम आदमी की संपत्ति कुर्क हो जाती है. इसकी वजह से लोगों का न्याय व्यवस्था में भरोसा कम हो जाता है."

सिन्हा ने कहा, "कई बार अनुरोध करने पर भी बैंकों ने माल्या के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करायी." देश की सर्वोच्च संस्था को इस मामले में स्वतःसंज्ञान लेेते हुए माल्या और उनकी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा.

किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 बैंकों का करीब 7500 करोड़ रुपया उधार है. ये बैंक सम्मिलित रूप से ये पैसा वसूलने के लिए प्रयास कर रहे हैं.

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बैंक तब और ज्यादा नाराज हो गए जब ब्रितानी कंपनी डिएजियो ने यूनाइटेड स्प्रिट्स में बगैर किसी भावी जिम्मेदारी के माल्या के हिस्सा 515 करोड़ रुपये में खरीद लिया.

इस डील के बाद माल्या ने ये कहकर कर्जदाताओं को चिंतित कर दिया कि "अब वो इंग्लैंड में अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं."

इस खबर के आते ही एसबीआई ने कर्नाटक हाई कोर्ट में माल्या को विदेश जाने से रोकने और उनका पासपोर्ट जब्त करने की याचिका दायर की. माल्या पर एसबीआई का 1600 करोड़ रुपये उधार है. जिसमें से केवल 155 करोड़ रुपये ही उसे वापस मिले हैं. एसबीआई ने अदालत से माल्या को अपनी देश-विदेश में स्थित निजी संपत्ति घोषित करने का आदेश देने की भी मांग की है.

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हाई कोर्ट ने मामले में माल्या, यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड, डिएजियो और यूबी होल्डिंग को मामले में नोटिस भेजा.

माल्या पर पंजाब नेशनल बैंक का 1500 करोड़ रुपये, आईडीबीआई बैंक का 800 रुपये, बैंक ऑफ इंडिया का 650 , सेंट्रल बैंक का 410 करोड़ रुपये और यूको बैंक का 320 करोड़ रुपये उधार हैं.

मीडिया में आ रही खबरों पर कमेंट करते हुए माल्या ने कहा,"उन्हें भगोड़े की तरह पेश किया जा रहा है." उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तरीके से "सारे नॉन परफॉर्मिंग एसेट(एनपीए) का पोस्टर ब्वॉय बना दिया गया है."

माल्या ने ये उम्मीद भी जतायी कि टीआरपी की दौड़ में सच नहीं दबाया जा सकेगा.

एक न्यूज एजेंसी से माल्या ने कहा, "मुझे जीवन में कोई अफसोस नहीं सिवाय इसके कि जब तेल की कीमतें इतनी कम हैं तो किंगफिशर हवा में उड़ान भरने के लिए नहीं है.

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उनके इस बयान पर कंपनी के पुरानी कर्मचारियों ने तीखी प्रतिक्रिया की. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार किंगफिशर के पुराने कर्मचारियों की करीब 100 करोड़ रुपये सैलरी माल्या पर बकाया हैं. चार साल से बकाया सैलरी पाने का इंतजार कर रहे कर्मचारियों ने तत्काल भुगतान की मांग की है.

कर्मचारियों ने कहा कि माल्या के हाथ 'खून में रंगे हुए' हैं क्योंकि एक कर्मचारी की पत्नी आर्थिक अभाव के चलते आत्महत्या कर ली थी.

किंगफिशर की विफलता का विश्लेषण करते हुुए एयर डेक्कन एयरलाइंस के संस्थापक कैप्टन जीआर गोपीनाथ ने कैच को बताया, "माल्या के दूसरे दो कारोबार काफी सफल रहे लेकिन किंगफिशर बदलते हालात के संग तालमेल बैठाने में विफल रहा. हो सकता है इसकी वजह उनका अंहकार या लगातार चमचों से घिरे रहना रहा हो."

कैप्टन गोपीनाथ ने साल 2008 में एयर डेक्कन माल्या को बेच दिया था. वो कहते हैं कि इससे किंगफिशर को काफी लाभ हुआ था. उसके बाद किंगफिशर के शेयरों में 36 प्रतिशत का उछाल आया था. इसके बाद जो किंगफिशर एयरलाइंस 20 शहरों के लिए उड़ान सुविधाएं देती थी उसकी पहंच 70 शहरों तक बढ़ गयी. 

गोपीनाथ कहते हैं, "लेकिन वो(माल्या) कई चीजों में उलझे हुए थे. उन्होंने सबसे बड़ी गलती ये कि वो खुद इसे चलाने लगे जबकि उनके पास न इसका तजुर्बा था, न ही वक्त. जब कर्ज बढ़ने लगा तो उन्हें लगा कि वो तूफान की सवारी करके उभरेंगे. जब तक वो खतरा भांप पाते तब तक देर हो चुकी थी."

देश की तीस बड़ी कंपनियों पर विभिन्न बैंकों का 1.21 लाख करोड़ रुपये बकाया है

गोपीनाथ के अनुसार माल्या के पतन में सरकार और बैंकों का भी बराबर का हाथ है. वो कहते हैं, "बैंक पहले ही सचेत होकर माल्या को हटने के लिए मजबूर कर सकते थे जिससे कंपनी और उसके कर्मचारियों की नौकरी बचायी जा सकती थी...अगर तत्कालीन सरकार विदेशी एयरलाइंस को 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने देती तो शायद ये नौबत नहीं आती. लेकिन सरकार प्रतिद्वंद्वी एयरलाइंसों के दबाव में आ गयी."

बैड लोन पर मच रहे हो-हल्ले और किंगफिशर के पतन के बाद अब कांग्रेस का सुर बदल गया है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी कहते हैं, "विजय माल्या जैसे स्वैच्छिक डिफॉल्टर के साथ कोई नरमी नहीं दिखानी चाहिए. जिस तरह सहारा प्रमुख को जेल भेजा गया वैसे ही माल्या को जेल क्यों नहीं भेजा रहा. ऐसे लोगों को कानून से बच कर भागने का मौका नहीं देना चाहिए."

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कर्ज लेकर न देने वाालों माल्या अकेले चर्चित कारोबारी नहीं हैं. ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश की 30 सबसे बड़ी कंपनियों पर विभिन्न राष्ट्रीय बैंकों का 1.21 लाख करोड़ रुपये बकाया है. ये राशि कुल एनपीए का करीब 40 प्रतिशत है.

साल 2015 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(आरबीआई) ने कारपोरेट कंपनियों का 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया. सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई से इसपर जवाब मांगा है.

सबसे बड़ी अदालत ने आरबीआई से अप्रैल मध्य तक ये जानकारी देने को कहा कि सरकारी बैंकों से 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लोन लेने वाले कितने कर्जदारों का कर्ज माफ किया गया है.

अगर सरकार सचमुच कर्ज न चुकाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करती है तो माल्या जेल में अकेले नहीं होंगे.

First published: 10 March 2016, 8:47 IST
 
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