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आईआईएम स्टूडेंट्स: फ्लिपकार्ट ने किया इनकार तो क्यूसीआई ने किया स्वीकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

ई-कॉमर्स की प्रमुख भारतीय कंपनी फ्लिपकार्ट द्वारा प्लेसमेंट किए जाने के बाद छात्रों को नौकरी के लिए छह माह रुकने की जानकारी देने के बाद छात्र परेशान हो गए हैं. ऐसे में भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) ने आगे आते हुए इन छात्रों को रोजगार देने की पेशकश की है.

दरअसल आईआईएम अहमदाबाद और आईआईटी के छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट के जरिये फ्लिपकार्ट ने ऊंची तनख्वाह पर चयन किया था. फ्लिपकार्ट द्वारा इन छात्रों को जून में नौकरी पर रखे जाने का वादा किया गया था. 

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लेकिन जून से पहले ही फ्लिपकार्ट द्वारा इन छात्रों से कहा कि कंपनी उन्हें दिसंबर तक रोजगार पर नहीं रख सकती. अपनी प्रतिबद्धता से पल्ला झाड़ते हुए फ्लिपकार्ट ने इन्हें दिसंबर से नौकरी पर रखने के लिए कहा.

इसके बाद इन छात्रों के सामने परेशानी आ खड़ी हुई. फ्लिपकार्ट में चयन होने के बाद आश्वस्त छात्रों ने कहीं और इंटरव्यू नहीं दिया और कंपनी द्वारा छह माह तक ज्वाइनिंग न दिए जाने से तनख्वाह न मिलने का भी झंझट था.

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ऐसे में क्यूसीआई के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई द्वारा जानकारी दी गई, "हमने उनसे (चयनित छात्रों से) कहा है कि जब तक वे फ्लिपकार्ट से आकर्षक रोजगार का इंतजार कर रहे हैं, वे छह माह से एक साल तक हमारे यहां काम कर सकते हैं."

गौरतलब है कि क्यूसीआई औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन डिपार्टमेंट) के अंतर्गत एक स्वायत्त इकाई है. यह प्रतिवर्ष तमाम युवा स्नातकों को एनालिटिक्स, रिसर्च और फील्डवर्क समेत अन्य क्षेत्रों के लिए ट्रेनी के रूप में चुनती है.

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जैनुलभाई ने यह भी कहा, "निःसंदेह हम उन्हें उतना अच्छा भुगतान नहीं कर सकते लेकिन अगर वे सार्थक योगदान देना चाहते हैं तो क्यूसीआई उनका स्वागत करती है."

First published: 11 June 2016, 6:27 IST
 
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