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केवल 17 दिनों में तेल कंपनियों ने आपके जेब से वसूले करोड़ों रुपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 May 2018, 18:30 IST

तेल कंपनियों ने लगातार 16 दिनों तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की, जिससे तेल कंपनियों बड़ा मुनाफा हुआ. 21 दिनों तक तेल के दाम स्थिर रखने के बाद तेल कंपनियों ने लगातार दाम बढाकर आखिर कैसे अपने कमाई की इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन 16 दिनों में  तेल कंपनियों ने 2.54 करोड़ कमा लिए. 

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पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान पेट्रोलियम कंपनियों ने दिल्ली की जनता से 2.54 करोड़ की उगाही की है.  दरअसल दिल्ली में औसतन एक साल में 22.25 लाख टन फ्यूल की खपत होती है. इसमें पेट्रोल की सलाना खपत जहां 9.6 लाख टन है, तो वहीं डीजल की सलाना खपत 12.65 लाख टन है. वहीं इन आंकड़ों से एक दिन का हिसाब लगाया जाए तो दिल्ली में एक दिन में पेट्रोल की खपत 26,30,137 लीटर है. जबकि डीजल की खपत एक दिन में 3465753 लीटर होती है.

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डीजल में लूट

14 मर्इ को डीजल की कीमत 66.14 प्रति लीटर थी. ऐसे में जहां एक दिन की खपत के हिसाब से, दिल्ली ने 14 मर्इ को डीजल पर 22,92,24,903 रुपये खर्च किए.

तो वहीं 29 मई को दिल्ली में डीजल की कीमत 69.31 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिल्ली ने इस दिन 24,71,42,340 रुपये लुटाये.  वहीं जब इन 17 दिनों का अंतर निकाला गया तो, पाया की दिल्ली ने डीजल पर 1,79,17,437 रुपये अधिक लुटाये हैं.

पेट्रोल पर लूट

14 मर्इ को पेट्रोल की कीमत 74.80 रुपए प्रति लीटर थी. इस हिसाब से दिल्ली ने उस दिन पेट्रोल पर 19,67,34,248 रुपये खर्च किए .

तो वहीं 29 मर्इ को पेट्रोल की कीमत 78.43 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से इस दिन दिल्ली ने पेट्रोल पर कुल 20,62,81,645 रुपये खर्च किए. यानि दिल्ली ने इन 17 दिनों में दिल्ली ने  95,47,397 रुपये अधिक ज्यादा खर्च किए.

ऐसे में अगर दोनों तरह के फ्यूलो को एक साथ जोड़ लिया जाए तो पेट्रोलियम कंपनियों ने दिल्ली में इन 17 दिनों में 2.54 करोड़ रुपए से ज्यादा की लूट की है. वैसे इस बारे में ना तो आॅयल कंपनियां कुछ बोलने को तैयार हैं, ना ही सरकार दिल्ली की जेब लगातार खाली हो रही है. पेट्रोलियम कंपनियां आैर केंद्र एवं राज्य सरकारें लगातार अपनी जेब भर रही हैं.

First published: 30 May 2018, 18:20 IST
 
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