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टाटा कंपनी ने ख़त्म किया 'बॉसगीरी' कल्‍चर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2017, 9:56 IST

देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स ने एक अभूतपूर्व फैसले में अपने सभी कर्मचारियों के पदनाम को खत्म करने का एलान किया है. इससे साफ है कि टाटा मोटर्स में अब कोई बॉस नहीं होगा. ऐसा कंपनी के अंदर रचनात्मक माहौल पैदा करने और टीम वर्क को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. कंपनी का कहना है कि इससे समानता को बढ़ावा मिलेगा.

कंपनी की ओर से बुधवार को जारी किये गये एक सर्कुलर में कहा गया है कि टाटा मोटर्स शीर्ष स्तर पर कुछ गिने-चुने अधिकारियों को छोड़कर बाकी कर्मचारियों के पदनाम खत्म किए जाएंगे. यह निर्णय कंपनी में बॉस संस्कृति से मुक्त माहौल बनाने के लिए किया गया है.

इस पहल के तहत कर्मचारियों की अपनी टीम को लीड करने वाले एल-1 से एल-5 कैटेगरी के बीच के सभी मैनेजर्स को टीम हेड के साथ उनके विभाग के नाम से संबोधित किया जाएगा. यानी मैनेजर्स अब टीम हेड माने जाएंगे. इसी तरह अन्य कर्मचारियों को व्यक्तिगत सहयोगी (आईसी-4 से आईसी-6) के तौर पर ही जाना जाएगा. बस वह अपने नाम के आगे अपने विभाग का नाम लगाएंगे.

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे टाटा मोटर्स के 10,000 कर्मचारियों पर असर होगा और नए सिस्टम से टीम के सभी मैनेजर्स को हेड का दर्जा मिलेगा. कंपनी ने जिन पदों को खत्म करने का फैसला किया है, उनमें जनरल मैनेजर, सीनियर जनरल मैनेजर, डिप्टी जीएम, वाइस प्रेसिडेंट, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जैसे पद भी शामिल भी हैं.

हालांकि प्रबंध निदेशक, सीईओ और नेतृत्व टीम के अन्य सदस्यों समेत कार्यकारी समिति के लोग अपने पदनाम का इस्तेमाल जारी रखेंगे.

First published: 10 June 2017, 9:56 IST
 
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